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देखिए कैसे ये पुलिस वाला इस पत्रकार लड़के को थप्पड़ पर थप्पड़ मारे जा रहा है और.. पब्लिक चुपचाप तमाशा देख रही है, लोग वीडियो बना रहे है, यहीं खामोशी तुम्हे गुलाम बना रही है एक तो देश में बड़े ईमानदार पत्रकार बचे नहीं है और जो छोटे यूट्यूब...

66,471 次观看 • 3 个月前 •via X (Twitter)

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इंटरनेट में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमे ये देखने को मिल रहा है की कहीं ना कहीं पुलिस के ट्रेनिंग सिस्टम में अनुशासन की बहुत बड़ी समस्या है। पुलिस और सेना में यही एक अंतर है जो दोनों को एक दूसरे से बहुत अलग बनाता है। एक को देश सम्मान की नजर से देखता है और दूसरे को घूसखोर या अनुशासनहीन की द्रष्टि से देखा जाता है । महिला के द्वारा बताए जाने पर की वह उससे सीनियर अधिकारी है बावजूद ग़लत तरीके से बात की जा रही है और फ़ोन छीना जा रहा है। इस समस्या की जड़ तक पहुचना है तो ट्रेनिंग में सुधार और उच्च अधिकारियों के द्वारा अनुशासन बनाने के लिए कठोर कदम उठाने की आवशकता है । उच्च अधिकारियों की चाहिए की सर्विलाइंस टीम का गठन करे और डिसिप्लिन रेग्युलेटर अपॉइंट करे जो औचक निरीक्षण करे और सीसीटीवी और अन्य शिकायतों केआर आधार पर कठोर कार्यवाही करे, क्युकी पुलिस पर जनता का विश्वास बहुत जरूरी है। जय हिन्द 🇮🇳

Vab

17,948 次观看 • 3 个月前

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक कोचिंग संस्था की महिला पुलिस विभाग से जुड़े उदाहरण देते हुए मीणा समाज को बदनाम करने वाली टिप्पणी कर रही है। वह कह रही है कि “मोटरसाइकिल चोरी होती है तो उसमें मीणा समाज के लोगों का हाथ होता है।” 👉 किसी भी समाज या समुदाय को इस तरह अपराधी ठहराना न केवल ग़लत है बल्कि समाज में नफ़रत फैलाने वाला कार्य है। हम पूछते हैं — आप कौन होते हो किसी समाज को चोरी के “सर्टिफिकेट” बाँटने वाले? किसी समुदाय को बदनाम करने का हक़ किसी को नहीं है। — इस वीडियो में दिख रही कोचिंग संस्था और संबंधित महिला से बात की जाएगी और जल्द ही इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। Rajsthan Police Jaipur Police

Manoj Meena

96,690 次观看 • 11 个月前

“जो सच बोलेंगे, मारे जाएँगे…” राजेश जोशी की इस कविता को शायद उत्तर प्रदेश में अब यूँ पढ़ना पड़े— “जो सच बोलेंगे, FIR के शिकार हो जाएँगे!” ‘ज़मीनी खबर’ के पत्रकार Amit Yadav (Journalist) पर हुई FIR इसी डरावनी प्रवृत्ति की एक और मिसाल है। सवाल यह है कि आख़िर उनका गुनाह क्या है? सरकारी स्कूलों की ख़स्ताहाल स्थिति कैमरे पर दिखा देना? बच्चों की शिक्षा और बदहाल व्यवस्था पर सवाल उठा देना? या फिर क़लम, किताब और सच की बात करना? अगर स्कूलों की तस्वीर अच्छी है, तो कैमरे से डर कैसा? और अगर तस्वीर ख़राब है, तो उसे दिखाने वाले पत्रकार पर FIR क्यों? लोकतंत्र में पत्रकार का काम सरकार की वाहवाही करना नहीं, सत्ता से सवाल करना है। सच दिखाने वाले कैमरे और सवाल पूछने वाली क़लम पर मुक़दमे दर्ज होने लगें, तो यह केवल एक पत्रकार को डराने की कोशिश नहीं होती—यह हर उस आवाज़ के लिए संदेश होता है जो सत्ता से असहज सवाल पूछने की हिम्मत करती है। स्कूलों की बदहाली छिपाने से शिक्षा नहीं सुधरेगी। FIR से सवाल ख़त्म नहीं होंगे।

Dr. Laxman Yadav

20,143 次观看 • 4 天前

आप लोग देखिए रेबीज खतरनाक बीमारी है और पूरे दुनिया में इसका कोई इलाज नहीं है अगर किसी को रेबीज हुआ तो उसका मरना तो तय है लेकिन उसकी मौत बड़ी भयानक तरीके से होती है और यही बात रेबीज को सबसे डरावनी बीमारी बनाती है अगर आसान तरीके से मौत होती तो एक पल को ठीक होता लेकिन कम से कम 20 दिनों तक व्यक्ति बेहद खतरनाक पागलपन और हाइड्रोफोबिया का शिकार होकर और तड़प तड़प कर मरता है इस वीडियो को देखिए इसमें एक व्यक्ति को रेबीज हो गया है उसके मुंह से लार निकल रहा है जिसमे रेबीज के वायरस है वह दूसरे लोगों को कुत्ते की तरह काटने की कोशिश कर रहा है लोग उसे पड़कर किसी कमरे में बंद करना चाह रहे हैं वह लोग उसे जानवरों को पकड़ने वाली जाल और बड़े-बड़े डंडे से कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि अगर इस व्यक्ति के मुंह से निकल रहा लार किसी के घाव या ब्लड के संपर्क में आया तो उसे भी रेबीज होना तय है व्यक्ति कुत्ते की तरह चारो पैर पर चल रहा है यानी अपने हाथों को भी पैर की तरह इस्तेमाल कर रहा है ठीक कुत्ते जैसा आचरण कर रहा है क्योंकि रेबीज का वायरस इंसान को कुत्ते जैसा आचरण करने पर मजबूर कर देता है क्योंकि रेबीज का वायरस इंसान के दिमाग को कंट्रोल करता है और रेबीज का वायरस अपनी संख्या बढ़ाने के लिए उस व्यक्ति को इस बात के लिए प्रेरित करता है कि वह व्यक्ति वह जानवर कई लोगों को काटे ताकि इस वायरस का खूब ज्यादा प्रसार हो सके क्योंकि जब कोई जानवर या व्यक्ति रेबीज से ग्रसित होता है तो उसके पूरे दिमाग को रेबीज का वायरस कंट्रोल करता है मौत तय है लेकिन बड़ी दर्दनाक मौत होती है

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

56,984 次观看 • 7 个月前

अब किसी का ख़ून नहीं खौल रहा? अब किसी का राष्ट्रवाद नहीं जाग रहा है? अब किसी को दिक़्क़त नहीं हो रही? भारतीयों को चेनों में बाँध कर हथकड़ियाँ पहनाकर अमेरिका भेज रहा है, हमारे देश की महिलाओं तक को चेन में बांधा गया एक नाकारी सरकार के साथ साथ वो सब लोग जो इसपर या तो चुप हैं, या आँखें मूँद ली हैं, या इसको सही ठहरा रहे हैं - आपका पाखंड और फ़र्ज़ी राष्ट्रप्रेम देखकर दुख नहीं होता गुस्सा आता है देश प्रेम की बात करने वालों - अगर अपने साथी भारतीयों के साथ यह होता देखकर तुम ख़ुश हो रहे हो या सही ठहरा रहे हो तो ख़ाक प्यार करते हो तुम इस देश से भारत माता की जय बोलने वालों - वो जय नदी नालों पेड़ पहाड़ों गाँव शहर से कहीं ज़्यादा हर एक भारतीय की है. क्रिकेट मैच में इंडिया इंडिया चीखने से, या जर्सी पहनना भर ही राष्ट्रप्रेम नहीं है - अपने मुल्क के लोगों के साथ अगर ग़लत हो तो उसके ख़िलाफ़ बोलना देशभक्ति है किसी देश में अवैध रूप से जाना बिल्कुल ग़लत है, और हर देश उससे निपटने के लिए भी स्वतंत्र है लेकिन पूरी दुनिया में डंका बजने का दावा करने वाले - अपने लोगों के साथ थोड़ी सी मानवता सुनिश्चित नहीं कर पाये? हमसे छोटे देशों ने अपने नागरिकों को बेड़ियां पहनाने का विरोध किया और हमारी सरकार से एक चूँ तक ना निकला यह इज़्ज़त है 140 करोड़ भारतीयों की? यह तूती बोल रही है हमारी की हमारे लोगों के साथ जानवरों जैसा व्यवहार हो? यह इसलिए लिख रही हूँ क्योंकि एक बार सोचिएगा - अगर अपना बच्चा गलती करे तो आप उसको डाँटेंगे, शायद थप्पड़ भी जड़ दें लेकिन अगर कोई बाहरी व्यक्ति ऐसा करेगा तो आप कमर कस के लड़ने के लिए तैयार हो जाएँगे तो हमारे लोगों के साथ अमेरिका ने इस बदसलूकी की सोची भी कैसे? अमेरिका ने हमारे देश के 104 लोगों को भेड़–बकरी की तरह जंजीरों से बांधकर खदेड़ दिया. भेजने से पहले डिटेंशन सेंटर में रखा, फिर 40 घंटे प्रताड़ित किया आप जुमलों की बारिश करते रहे और हमारा देश बेइज़्ज़ती होता रहा. और नाकामी को सही कहने वालों की आत्मा तो कबकी मर चुकी है - अब दिखावा भी ख़त्म हो गया क्योंकि जो भी हो, यह हैं तो अपने लोग ही. और मेरा राष्ट्रवाद इनके साथ हुई अमानवीयता को किसी क़ीमत पर ठीक नहीं ठहरा सकता - अगर आपका ठहरा रहा है तो लानत है आप पर!

pankhudi

69,045 次观看 • 1 年前

अब किसी का ख़ून नहीं खौल रहा? अब किसी का राष्ट्रवाद नहीं जाग रहा है? अब किसी को दिक़्क़त नहीं हो रही? भारतीयों को चेनों में बाँध कर हथकड़ियाँ पहनाकर अमेरिका भेज रहा है, हमारे देश की महिलाओं तक को चेन में बांधा गया एक नाकारी सरकार के साथ साथ वो सब लोग जो इसपर या तो चुप हैं, या आँखें मूँद ली हैं, या इसको सही ठहरा रहे हैं - आपका पाखंड और फ़र्ज़ी राष्ट्रप्रेम देखकर दुख नहीं होता गुस्सा आता है देश प्रेम की बात करने वालों - अगर अपने साथी भारतीयों के साथ यह होता देखकर तुम ख़ुश हो रहे हो या सही ठहरा रहे हो तो ख़ाक प्यार करते हो तुम इस देश से भारत माता की जय बोलने वालों - वो जय नदी नालों पेड़ पहाड़ों गाँव शहर से कहीं ज़्यादा हर एक भारतीय की है. क्रिकेट मैच में इंडिया इंडिया चीखने से, या जर्सी पहनना भर ही राष्ट्रप्रेम नहीं है - अपने मुल्क के लोगों के साथ अगर ग़लत हो तो उसके ख़िलाफ़ बोलना देशभक्ति है किसी देश में अवैध रूप से जाना बिल्कुल ग़लत है, और हर देश उससे निपटने के लिए भी स्वतंत्र है लेकिन पूरी दुनिया में डंका बजने का दावा करने वाले - अपने लोगों के साथ थोड़ी सी मानवता सुनिश्चित नहीं कर पाये? हमसे छोटे देशों ने अपने नागरिकों को बेड़ियां पहनाने का विरोध किया और हमारी सरकार से एक चूँ तक ना निकला यह इज़्ज़त है 140 करोड़ भारतीयों की? यह तूती बोल रही है हमारी की हमारे लोगों के साथ जानवरों जैसा व्यवहार हो? यह इसलिए लिख रही हूँ क्योंकि एक बार सोचिएगा - अगर अपना बच्चा गलती करे तो आप उसको डाँटेंगे, शायद थप्पड़ भी जड़ दें लेकिन अगर कोई बाहरी व्यक्ति ऐसा करेगा तो आप कमर कस के लड़ने के लिए तैयार हो जाएँगे तो हमारे लोगों के साथ अमेरिका ने इस बदसलूकी की सोची भी कैसे? अमेरिका ने हमारे देश के 104 लोगों को भेड़–बकरी की तरह जंजीरों से बांधकर खदेड़ दिया. भेजने से पहले डिटेंशन सेंटर में रखा, फिर 40 घंटे प्रताड़ित किया आप जुमलों की बारिश करते रहे और हमारा देश बेइज़्ज़ती होता रहा. और नाकामी को सही कहने वालों की आत्मा तो कबकी मर चुकी है - अब दिखावा भी ख़त्म हो गया क्योंकि जो भी हो, यह हैं तो अपने लोग ही. और मेरा राष्ट्रवाद इनके साथ हुई अमानवीयता को किसी क़ीमत पर ठीक नहीं ठहरा सकता - अगर आपका ठहरा रहा है तो लानत है आप पर!

Supriya Shrinate

183,050 次观看 • 1 年前

इस वीडियो को देखकर खून खौल गया – इसे होली खेलना नहीं कहा जा सकता। यह पूरी तरह से जाहिलपन, छिछोरापन और एक लड़की के सम्मान का खुला चीरहरण है। यह केवल एक महिला की गरिमा का अपमान नहीं, बल्कि पूरे सभ्य समाज को शर्मसार करने वाली घटना है। वीडियो में एक नाबालिग युवती के साथ जिस प्रकार की अमर्यादित हरकत की जा रही है, वह अत्यंत निंदनीय और घृणित है। ऐसे लोग इस देश, समाज और अपने परिवार – तीनों के लिए कलंक हैं। जब तक ऐसे लोगों को समाज के सामने बेनकाब नहीं किया जाएगा और उन पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस तरह की घटिया मानसिकता पर अंकुश लगना मुश्किल है। इस वीडियो का स्थान अभी स्पष्ट नहीं है। यदि किसी मित्र के पास इस वीडियो से संबंधित कोई भी जानकारी हो – जैसे स्थान, समय या संबंधित व्यक्तियों की पहचान.. तो कृपया हमें अवश्य उपलब्ध कराएं, ताकि इस मामले में उचित और दंडात्मक कार्रवाई के लिए पहल की जा सके। ~ साभार: NCIB Headquarters

NCIB Headquarters

53,959 次观看 • 5 个月前

यूनिवर्सिटी के छात्रों से खिलाड़ियों से सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे युवाओं से किसानों से डिलीवरी पार्टनरों से बस में आम नागरिकों से और अब आधी रात को ट्रक के ड्राइवर से आख़िर क्यों मुलाक़ात कर रहे हैं राहुल गांधी? क्योंकि वो इस देश लोगों की बात सुनना चाहते हैं, उनकी चुनौतियों और परेशानियों को समझना चाहते हैं उनको ऐसा करते देख एक विश्वास सा झलकता है - कोई तो है जो लोगों के साथ खड़ा है, कोई तो है जो उनके बेहतर कल के लिए किसी भी तरह की क़ुर्बानी देने को तैयार है - कोई तो है जो नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान खोल रहा है और धीरे धीरे यह एहसास हो रहा है कि यह देश लौट जाना चाहता है मोहब्बत और अमन के रास्ते पर धीरे से यह देश आख़िर चल ही पड़ा है राहुल गांधी के साथ ( Rahul Gandhi ट्रक से चंडीगढ़ जाते हुए)

Supriya Shrinate

429,570 次观看 • 3 年前

ये वीडियो हिंदुओं हर व्यक्ति के पास होनी चाहिए ताकि पता चले हिंदुओं को कैमरामैन - आपने मनुस्मृति जलाया आपको पुलिस ढूंढ रही है इस देश के पुलिस को गोल्डन दास को पकड़ना मुश्किल ही नहीं न मुमकिन है मेरे लोग हैं पुलिस में वो मुझे फोन करके बताते हैं अपने बहुत अच्छा काम किया है हम सामने से तो नहीं लेकिन पीछे से आपके साथ खड़े हैं अभी सामंती सरकार है ये कहना है इस जातंकवादी का बिहार में बीजेपी की गठबंधन की सरकार और FIR इसके ऊपर बिहार में हुआ है तो ये जो बोल रहा बिहार पुलिस को ही बोल रहा होगा इसपर Bihar Police का क्या कहना है ? क्या ये जो आरोप लगा रहा वो सही है इस मामले को हिंदू अधिवक्ताओं को हाईकोर्ट ले जाना चाहिए

ब्राह्मण साहब 🚩🐯

45,409 次观看 • 4 个月前

वाह सही है, अपने खराब पालन-पोषण का ठीकरा दूसरों पर डाल देना आप कह रही है की इस जनरेशन के सारे बच्चे आपकी बेटी की तरह ही बत्तमीज़ और संस्कारहीन है, ना ना बहन, आपकी बेटी ऐसी है क्युकी आप एक असफल माता रही, हमारे बच्चे ऐसे नहीं है क्युकी उनके माता पिता ने संस्कार दिए है, सही और ग़लत के बीच का अंतर बताया है, रही बात सोशल मीडिया पर अंडर ऐज बच्चो के प्रतिबंध की तो आप क्या-क्या प्रतिबंध करेंगे और कितना कर पाएंगे ? हमारे बच्चे सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करते, ना ही प्रोटेस्ट में जाते है और ना ही किसी बाहर वाले के इन्फ्लुएंस में आते है वो सिर्फ पढ़ाई करते है और मेहनत करते है और अच्छे अंक लाकर टॉप करते है, सरकार का काम है देश चलाना, व्यवस्था चलाना, आपकी बेटी को संस्कार देना या उसकी पैरेंटिंग करना सरकार का काम नहीं है बच्चो में परवरिश और संस्कार देने का काम बच्चो के माता पिता और उसके परिवार का होता है, संस्कारों की जड़ मजबूत होगी तो बच्चे ऐसे भटकेंगे नहीं,

Kajal HINDUsthani

15,286 次观看 • 28 天前

देश की तमाम जगहों और राजधानी दिल्ली तक से बेहद घटिया, नफ़रती, भड़काऊ वीडियो सामने आ रहे हैं खुलेआम मुसलमानों के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है जो यहाँ लिखना मुमकिन नहीं है लेकिन ना पुलिस, ना प्रशासन ना कोर्ट - किसी के कान पर जूँ नहीं रेंग रही है कानून की धज्जियाँ उड़ रहीं हैं, नफ़रत का नंगा नाच चल रहा है जो बातें सोचने में वीभत्स लगती हैं वो बेख़ौफ़ कही जा रही हैं. गुंडे, मवालियों आतंकियों को कानून का कोई डर ही नहीं है मोदी के बनाए इस न्यू इंडिया में मुसलमानों के ख़िलाफ़ इतनी नफ़रत, इतना ज़हर घोला गया है कि उनके ख़िलाफ़ हिंसा और मारने काटने की बात बेझिझक कही जा रही हैं - छोटे छोटे बच्चे आग उगल रहे हैं ईद भाईचारे, सौहार्द, मोहब्बत का पर्व है - लेकिन उसके पहले यह सब क्यों होने दिया जा रहा है? क्या बनते जा रहे हैं हम? यह आतंक नहीं तो और क्या है? इन लफ़ंगे गुंडों पर किसका वरदहस्त है? पूरे देश को इस नफ़रत में क्यों झोंका जा रहा है? कितना हिंदू मुसलमान करेंगे मोदी जी? क्या मिल रहा है मेरे देश को बर्बाद करके? क्या नफ़रत भड़का कर आपकी बाकी काली करतूतें छिप जायेंगी? क्यों पूरे देश में केरोसिन छिड़क रहे हैं? और आप जो मूक दर्शक बने हुए हैं, एक बात याद रखिएगा - नफ़रत की आग को फैलने से रोकिए. वरना उसकी चपेट में आने से बच तो आप भी नहीं पायेंगे - आज नहीं तो कल - नंबर आपका भी आयेगा दुनिया में देखिए क्या हो रहा है - यह नफ़रत का नतीजा है. जिसकी क़ीमत हुक्मरान नहीं, आम लोग चुकाते हैं हम ऐसे नफ़रती, ऐसे गुंडे हो ही नहीं सकते. हम विराट सभ्यता, संस्कृति और परंपरा के ध्वजवाहक हैं. ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ वह सूत्र है जो हमें सच में विश्वगुरु बनाता है हम सभी को सतर्क रहना होगा. मोदी सरकार हर रोज़ विफलता के कीर्तिमान स्थापित कर रही है और जितना ये सरकार चलाने में नाकाम होंगे, नफ़रत उतनी ही फैलाएंगे सरकारें आएंगी-जाएंगी लेकिन अगर आपको अपने देश से मोहब्बत है तो आँखें खुली रखिए. नफ़रत के भागीदार मत बनिए आस-पास नफ़रत के शिकार इंसान के साथ खड़े होइए. यही इंसानियत है! यही भारतीयता है! यही असल में हम और आप हैं जय हिन्द!

Supriya Shrinate

151,479 次观看 • 5 个月前