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पाल पोखरा कुआँ बावड़ी नाडी अर तालाब राखजे पाणी आडी पाल राखजे जल री तू रुखवाल राखजे। जल माहीं जगदीश बसे हैं, जगदीश्वर री भाल राखजे, पाणी अर परामेश्वर दोनों हिवड़े उजल थाल राखजे।। हरी खेजड़ी जाल राखजे, ऊँट घर मतवाल राखजे, रीत नीत री अपणी धरती, घर चूल्हे...

31,617 views • 2 years ago •via X (Twitter)

10 Comments

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Khangar Singh Rathore Araba2 years ago

मैं विधानसभा सत्र की पूरी कार्यवाही देख रहा हूं। आप न केवल शिव विधानसभा बल्कि पूरे पश्चिम राजस्थान के जनहित से जुड़े मुद्दे निरंतर विधानसभा में उठा रहे हैं। आप पश्चिम राजस्थान के विशाल भू–भाग पर निवास करने वाली संपूर्ण जनता का प्रतिनिधित्व करने की क्षमता रखते हैं। धन्य धरा शिव🙏

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जयपाल सिंह शेखावत (PWO)2 years ago

वा भाटी साहब आपनी मायड़ भाषा 👌

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Aditya Gautam2 years ago

बहुत सुंदर लिखा है भाई साहब आपने। पढ़कर मज़ा आ गया 👌👌👌👏👏👍👍 ❤️🤗🤗🙏🙏💐💐😊

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महेश कुमार भाटीवाडा2 years ago

वाह सा रावसा #राजस्थानी_लागू_करो

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Soni Singh2 years ago

राजस्थान में पानी की समस्या आज से नहीं है। हमेशा से रही है। इसके लिए आवाज सब उठाते हैं। पर करता कोई नहीं उम्मीद है कि आप लोगों की आवाज बनने के साथ-साथ उनके लिए यह सपना पूरा भी करेंगे....मंगल पर जाने के लिए तो पूरी दुनिया सोचती है। आप पृथ्वी को ही मंगल बना दो!!!🙌

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टीम रविन्द्र सिंह भाटी2 years ago

बहुत खूब विधायक साहब

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✍🏻2 years ago

आप पिछले एक महीने से निवेदन कर रहे है आख़िर उस में से एक आधा निवेदन स्वीकार हुआ है कि नहीं नहीं हुआ तो क्यों होगा तो कब और नहीं हो रहा है तो आप निवेदन पर निवेदन क्यों कर रहे हो कोई कठिन निर्णय लो और कुछ करके दिखाओ बोलते बोलते पाँच साल निकल जाएँगे फिर शायद कोई विस्वाश करे 🙏🏻

🐢༆̶̶̶̶̶̶क्षत्राणी साथ केवल शिव जी का༆̶🦚's profile picture
🐢༆̶̶̶̶̶̶क्षत्राणी साथ केवल शिव जी का༆̶🦚2 years ago

#हर__हर__महादेव🕉🌺⚜️🌾

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Girdhar_Banna_92 years ago

Jai ho ravsabhati

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Ripudaman Singh Mochhal2 years ago

@RavindraBhati__ 🚩

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सगळा जैसाण वासियां ने होली री घणै मान सुभकामनावां। होली फकत रंगा रो त्योहार कोनी, होली यादां में रंग भरण रो अर अपणायत ने जीवंत राखण रो पावन अवसर है। दाता महारावल बृजराज सिंह जी ने होली रो घणों'ही कोड हो। वे हर बरस जैसळमेर वासियां सागै हियों खोल'र होली रमता अर सगळा रै हियै अपणायत रो रंग भरता। आज जद होली मनावां, तो उंवां रो मुळकतों मुखड़ो अर अपणायत री सावठी रीत री घणी याद आवे है। आप सगळां सूं मिळती आ घणमुंगी सुभकामनावां, जैसाण वासियां रो हेत अर विसवास ही म्हारे सारूं साचो आसीस है। भगवान श्री लक्ष्मीनाथ जी सूं आ'हीज अरदास है कि सगळा जैसाण वासी हेत, समरसता अर भाईचारे रा रंगां में सदा रंगीज्या रैवे, अर म्हारो जैसळमेर यूं ही प्रेम, संस्कृति अर परम्परा री जोत सूं जगमगातो रह्वे।

Chaitanya Raj Singh

10,288 views • 5 months ago

तेज़बीर सिंह अर वाल्मीकि थापर री अगुवाई में 1974 में बनायी एक डॉक्यूमेंट्री “द सिटी देट जैसल बिल्ट” जिण में कैद है पाँच दशक पेल रौ जैसलमेर… वो शांत रेत, सोने रे ज्यों चमकतो किलो, हवेलियां री बेजोड़ नक्कासी अर सादगी भरो जनजीवन। लारले 50 बरसां में जैसलमेर विकास री नवीं ऊँचाइयाँ छुई है, पण आज भी पुरानी परम्परावां, संगीत री राग, शहर री गलियां, अर शहरवासीयां री जदोजहद रा नजारा मन ने छू जावै। आपणा पूर्वजां रो त्याग, बलिदान अर कठोर परिश्रम जैसलमेर ने दुनिया रे नक्शा माथे अमिट पहचान दीधी है। आज जद शहर बदल रियो है, आगै बध रियो है, ऐड़ी टेम में जरूरत है कि आपा अपनी कला, संगीत, स्थापत्य अर रीति-रिवाज ने सम्हाळकै राखां, अर पूर्वजां रे प्रति कृतज्ञ रेवां। कोशिश ऐड़ी होवणी चाइजे जिण में कृतज्ञता रे भाव साथे अतीत ने नमन करै अर भविष्य री दिशा में जिम्मेदारी सूं आगै बधै। Hindi Version तेज़बीर सिंह और वाल्मीकि थापर के निर्देशन में 1974 में बनी एक डॉक्यूमेंट्री "The City That Jaisal Built" जिसमें कैद है पांच दशक पहले के जैसलमेर की..... वो शांत रेत, सोने सा चमकता किला, हवेलियों की अद्वितीय नक्काशी और सादगी भरा जनजीवन…हर दृश्य आज भी मन को गहराई तक छू जाता है। पिछले 50 वर्षों में जैसलमेर ने विकास की नई ऊँचाइयों को छुआ है, मगर आज भी पुरातन परंपराएं, संगीत की राग, शहर की गलियां, शहरवासियों का जुझारू जीवन हमारी आत्मा से जुड़ा है। हमारे पूर्वजों के त्याग, बलिदान और परिश्रम ने जैसलमेर को विश्व मानचित्र पर अमिट पहचान दी है। आज जब शहर आधुनिकता की ओर अग्रसर है, आगे बढ़ रहा है, ऐसे में आवश्यकता है कि हम अपनी कला, स्थापत्य, संगीत और परंपराओं को संजोए रखें। कृतज्ञता के साथ अतीत को नमन करते हुए, विवेक के साथ भविष्य की ओर प्रस्थान ही हमारे पूर्वजों और हमारी गौरवशाली विरासत का सम्मान है।

Chaitanya Raj Singh

18,222 views • 1 year ago