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भाजपा में अपराधियों की बलिहारी है दोषियों के स्वागत की परंपरा जारी है
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29 Kommentare

देखो बोल कौन रहा! जो मुख़्तार अंसारी और अतीक अहमद के टोटी से पानी पीता हो 😂

टोंटी भैया तू अपनी पत्नी का अपमान सहन करके चुप बैठ गया लेकिन हम भगवान राम का अपमान सहन नहीं करेंगे

जैसा गुरु वैसा चेला। वैसे भी इन संघी भाजपाईओं से नैतिकता की उम्मीद करना बेमानी है।

अखिलेश यादव आपका दोगलापन देखकर बड़े-बड़े दोगले भी शरमा जाएंगे पप्पू यादव सनातन विरोधी है हिंदू विरोधी है पप्पू यादव ने जो कुछ किया यानी कि भगवान राम की तस्वीर को आपके पार्टी के सांसदों के कदमों में रखा उसे देखकर किसी भी सनातनी का खून खौल जाएगा और बाद में खुद पप्पू यादव ने यह स्वीकार किया कि उसे भगवान राम की तस्वीर को सांसदों के पैरों पर नहीं रखनी चाहिए थी लेकिन आप इस पर नहीं बोलते जब कांग्रेस ने प्लेन हाईजैक करने वालों को स्वागत करना तो छोड़िए उन्हें टिकट देकर विधायक बनाया था आपको पता ही होगा कि प्लेन हाईजैक करना कितना बड़ा गुनाह है और इंडियन एयरलाइंस का विमान जिसमें 200 से ज्यादा यात्री सवार थे उसे जब दो लोगों ने हाईजैक किया और उन्होंने मांग किया कि इंदिरा गांधी को जेल से रिहा किया जाए तब कांग्रेस उन प्लेन हाईजैक करने वाले अपराधियों से इतना खुश हो गई कि उन्हें टिकट दिया उन्हें विधायक बनाया और बाद में राहुल गांधी ने भी उन दोनों प्लेन हाईजैकर्स का कांग्रेस दफ्तर में स्वागत किया था तब आपने यह क्यों नहीं कहा कि इस तरह अपराधियों का महिमामंडन करना गलत है और जब केरल में नन रेप केस में बिशप फ्रैंको जमानत पर रिहा होकर जालंधर गया तब उसका फूल मालाओं से स्वागत किया गया इस पर भी आप लोग कभी आपत्ति नहीं करते

अतीक अहमद को तो कोई गोद में बिठा के रखता था 😹

*राम मंदिर को लूटकर जुबान चला रहे हैं बेशर्म :- अनुराधा पौडवाल*

तु खुद गुण्डे माफिया के don हो तो अपराधी कि तारिफ काहे नहि करेगा

अखिलेश जी, अपराधियों का स्वागत और संरक्षण तो समाजवादी पार्टी की जन्मजात परंपरा रही है। आपके शासन में माफिया राज चला, बाहुबली पाले गए, आज जब कोई सनातन की भावनाओं का अपमान करने वाले के खिलाफ आवाज उठाता है तो आपको अचानक अपराधी नजर आने लगते हैं। आईना अपने सामने रखिए, फिर बोलिए।

स्वागत होना ही चाहिए, भगवान राम भी जब रावण का वध करके लौटे तो देवताओं ने पुष्प वर्षा की थी। इस दैत्य का भी वध होना चाहिए था। सनातन द्रोहियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए।

फिर इंस्टा के Fraaannndds वाले साहब और NGO वाले दादा जी कहेंगे के हम गाँधी और गौतम बुद्ध के देश से है। स्वस्थ लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं होना चाहिए, और ऐसे लोगों को कभी ह्रदय से माफ़ नहीं कर पाएंगे।

सपा में अपराधियों की बलिहारी है दोषियों के स्वागत की परंपरा जारी है।

BJP और RSS वालों का यही चरित्र है

ये तो बहुत ही गर्व की बात है कि आप को भी बहुत बहुत स्वागत करना चाहिए मुस्लिम रहता तो तू भी स्वागत करने पहुंच जाता

तेरे जैसे सनातन द्रोही का स्वागत कैसे होगा।

मुगलों से पिटकर आते थे तब भी ऐसे ही स्वागत करवाते थे। 😂

कनाडा में भारत के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत के कनाडा आने पर भी रोक लगाने की मांग की गई है।

अखिलेश यादव जी अपनी सरकार का वह काला दौर भूल गए जब उत्तर प्रदेश में अपराधियों को मुख्यमंत्री आवास में सम्मानित किया जाता था और पुलिस वालों पर हमले होते थे भाजपा सरकार में अपराधी चाहे कितना भी बड़ा हो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होती है और किसी दोषी को नहीं बख्शा जाता।

😜

जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर और आलमगीर मोहम्मद औरंगजेब 👇 आज हिंदुओं के संगठित होने पर यह टीका त्रिपुंड लगाकर कट्टर हिंदू बने घूम रहे हैं अब इनकी हिम्मत नहीं हो रही आलमगीर औरंगजेब बने की लेकिन हा इनको अगर सत्ता मिली तो उनने से बड़े बनेगे अगली बार इसलिये याद रखे 🙄🙄

ये स्याले सुअर बनकर गए है इतना पीटा गया था स्वागत ऐसे हो रहा जैसे रण जीता हो , इनका इतिहास ही ऐसा रहा मुगलों से पिटकर आते थे वाहवाही में ऐसे ही स्वागत तब भी करवाते थे।

अखिलेश यादव भाजपा पर अपराधियों का स्वागत का आरोप लगा रहे हैं, लेकिन सपा शासन में अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी जैसे माफिया खुलेआम फलते-फूलते रहे। पप्पू यादव खुद कई आपराधिक मामलों में नामजद रहे हैं। एक चप्पल फेंकने की घटना को लेकर राजनीतिक नैतिकता का पाठ पढ़ाना दोहरा मापदंड है। पहले अपनी पार्टी के अपराधी इतिहास पर शर्म करें, फिर दूसरों को सबक दें।

मतलब ऐसा होना चाहिए था। अतीक के कुत्ते की तरह हाथ मिलवाना चाहिए था।

मुख़्तार अंसारी ओर अतीक अहमद को सिर पर बैठाने वाले को इस बात से चिढ़ हो रही कि सनातन का अपमान करने वाले का विरोध करने वाले का लोग स्वागत क्यों कर रहे🤣

देखो कोन बोल रहा है राम भक्तों को गोलियों से भुनाने वाले का लोंडा । तेरे और तेरी पार्टी ही आतंक वाली है

अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी जैसे खूंखार अपराधियों को संरक्षण देने वाली सपा आज कानून व्यवस्था पर उपदेश दे रही है ?? अखिलेश यादव जी अपनी सरकार का वह काला दौर भूल गए जब उत्तर प्रदेश में अपराधियों को मुख्यमंत्री आवास में सम्मानित किया जाता था और पुलिस वालों पर हमले होते थे भाजपा सरकार में अपराधी चाहे कितना भी बड़ा हो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होती है और किसी दोषी को नहीं बख्शा जाता। अपनी पार्टी की बदनाम और दागदार छवि को छुपाने के लिए झूठी और भ्रामक खबरें फैलाना अखिलेश यादव की पुरानी आदत बन चुकी है।

में पिछले कई सालो से देख रहा हूँ सवर्ण समाज के जो लोग है और उनमे खासकर ब्राह्मण देश में कोई भी बड़ा क्राइम हो या छोटा क्राइम हो अगर इन्हें पता चल जाये की ये उनकी जाति का है फिर ये लोग कहीं फूल मालाए पहनायेंगे सनरूफ गाड़ियो पे जुलूस निकालेंगे अब इन लोगो के अंदर न्यायिक चरित्र नाम की कोई चीज़ बची ही नहीं है उसमे कुछ उदाहरण में देता हूँ:- 1- जब बिलकिस बानो के रेपिस्टों को रिहाई मिली तब भी इन लोगो ने उनका फूल मालाओं से स्वागत किया जबकि वो रेपिस्ट थे 2- जिसने स्वामी प्रसाद मौर्य पे जूता फेंका उसका भी इन लोगो ने फूल मालाओं से स्वागत किया 3- ये लोग और रिद्धि सनातनी जैसे लोग आशाराम रेपिस्ट का आज भी समर्थन करते है और हर रोज कोशिश करते है की वो बाहर आ जाए फिर उसका भी इसी तरह स्वागत होगा 4- पप्पू यादव पे चक्कू चलाने वालों का ये लोग फूल मालाओ से स्वागत कर रहे है और भी ऐसे बहुत मामले जहाँ सिर्फ़ इनकी जाति की बजह से ये लोग एक अपराधी और आरोपी को भी अपने सर आंखों पे बैठा लेते है इन लोगो में न्याय संवेदना नाम की कोई चीज़ नहीं है

2027 में भी आएगा तो योगी ही। एक है तो सेफ है।

हिंदूद्रोही पप्पू यादव पर जूता फेंकने वाला अपराधी नहीं है। अपराधी तो पप्पू यादव है, जिसपर 40 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज है और अब साधु संतों का अपमान करने का भी मामला दर्ज हो गया है। अखिलेश यादव को दर्द होना स्वाभाविक है, क्योंकि पप्पू यादव ने कहा था कि अखिलेश उसके पिता समान हैं।

होना भी चाहिए इस में बुराई क्या है ? क्या सनातन को बदनाम करने वालों को औकात दिखाना गलत है ?
