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ये कहते हैं इतना बजट बढ़ाया, मैं कहता हूं- बजट क्या तुम अपने घर से लाए हो! - शिवपाल यादव।

28,314 просмотров • 7 месяцев назад •via X (Twitter)

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1. ब्रजभूषण शरण सिंह ~ मैं अपने दोनों बेटों से कहता था, परिवार के संस्कार क्या होते हैं, तुम लोग जाओ और नेताजी मुलायम सिंह यादव जी के सैफई वाले घर में 10-15 दिन रुककर आओ। 2. ब्रजभूषण शरण सिंह ~ मैंने अपने बड़े बेटे प्रतीक भूषण से कहा भी था, तुम जाओ और नेताजी के घर 10-15 दिन रुककर आओ और देखो, संस्कार क्या होते हैं। 3. ब्रजभूषण शरण सिंह ~ मैं हर पॉलिटिकल आदमी से कहना चाहता हूँ, संस्कार क्या होते हैं, नेताजी के परिवार में जाकर देखो। जितने व्यक्ति मिलेंगे, हाथ जोड़कर नमस्ते करेंगे और यही पूछेंगे कि नाश्ता किए हो या नहीं किया। परिवारवाद का आरोप लगाने वालों, सैफई परिवार से संस्कार सीखो।

Shyam Yadav SP

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ये बजट नहीं बड़ा ढोल है, जिसमें आवाज़ तो बहुत है पर अंदर से खाली है। ये बजट खोखला बजट है। इस बजट का झोला खाली है। जनता को लग रहा है बजट आया ही नहीं… वो पूछ रही है… ‘प्रवचन’ तो आ गया बजट कब आएगा? बजट देखकर… किसानो की उम्मीद का खेत सूख गया है। बजट देखकर… महिलाओं के माथे पर घर चलाने की चिंता की लकीरें और बढ़ गयी है। बजट देखकर… बेरोज़गारों की आँखों के आगे अंधेरा छा गया है। बजट देखकर… व्यापारियों, कारोबारियों और दुकानदारों पर मंदी की मार और गहरा गयी है। बजट देखकर… भाजपा के मंत्री और विधायकों के गले सूख गये हैं क्योंकि अपने विभागों और विधानसभाओं में तो उन्हें ही महंगाई, बेरोज़गारी, बेकारी से जूझ रहे लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ेगा। बजट देखकर… बुनकरों का ताना-बाना रूक गया है… हथकरघे ख़ामोश हो गये हैं…बजट देखकर… जनता पूछ रही है : जुमला मंत्रालय को कितना बजट दिया गया है।.

Akhilesh Yadav

115,505 просмотров • 1 год назад

23 जुलाई, 2024 को वित्तमंत्री निर्मला सीतरमण जी अपना सातवां बजट पेश करेंगी। इस बजट को बनाने से पहले उन्होंने कुछ उद्योगपतियों, बैंकर्स, किसान संगठनों से मुलाकात कर विचार-विमर्श किया है। लेकिन.. • क्या वे उन परिवारों से मिली हैं, जो दिन में तीन वक्त की रोटी नहीं खा पा रहे हैं? • क्या वे उन महिलाओं से मिली हैं, जो महंगाई से जूझ रही हैं? • क्या वे उन किसानों से मिली हैं, जो फसल का सही दाम पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं? • क्या वे उन युवाओं से मिली हैं, जो पेपर लीक से प्रताड़ित हैं? • क्या वे असल हिंदुस्तान से मिली हैं? ये स्पष्ट है कि वे उनसे नहीं मिली हैं। ये बजट चंद पूंजिपतियों को और अमीर बनाने के लिए बनाया जा रहा है। : Supriya Shrinate जी

Congress

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सिर्फ अनुमान लगाइए देश का पीएम कोई ब्राह्मण समाज से हो ! और मोदी जी जैसे बोलते हैं पिछड़ा पिछड़ा करके पिछड़ों की हित की बात करते हैं । ऐसे ही वो ब्राह्मण PM बोल दे मैं ब्राह्मण हूं ब्राह्मणों को हर जगह मौका दूंगा तो फिर देश में कैसी हवा चलेगी किसी को कोई अंदाजा है । जिस तरह से मोदी जी, मोहन यादव जी कहते हैं मैं पिछड़ा हूं पिछड़े समाज से आता हूं और मैं पिछड़ों के लिए समर्पित हूं पिछड़ों को सरकारी नौकरी के साथ साथ Pvt ठेकदारी तक में आरक्षण देकर रहूंगा यही कोई ब्राह्मण नेता ब्राह्मणों के लिए बोल दे तो क्या होगा । इस देश में आप बड़े गर्व से कह सकते हैं मैं पिछड़ा हूं मैं सवर्णों से हर मामले में पीछे हूं पर आप ये नहीं बोल सकते मैं ब्राह्मण हूं, सवर्ण हूं ।

Ankur Mishra

57,258 просмотров • 9 месяцев назад

भाजपाई पप्पू का निकलने लगा संघी सुर! Tejashwi Yadav जी मैं बिल्कुल ठीक किया कि पप्पू यादव को टिकट नहीं दिया। 2015 में इसने जो भाजपा के साथ मिलकर उसके पैसों से जो खेल किया था उसके लिए कोई माफी नहीं हो सकती! क्या-क्या कहा था वह आज किसी को भूलना नहीं चाहिए! 1 करोड़ नौकरी पर पप्पू यादव अब वही बात कह रहा है जो पलटू चाचा कभी कहते थे कि-" कहां से लाएगा पैसा? अपने बाप के घर से लाएगा?" भाजपाई कहते थे कि "असंभव है!" अब पप्पू जी को अपने आका BJP-JDU से ज्यादा तकलीफ हो रही है कि तेजस्वी -"कहां से नौकरी देंगे? कहां से बजट आएगा?" अरे भाई इंडिया गठबंधन केवल बिहार में नहीं, पूरे देश में है! अगर सरकार बनेगी तो पैसा भी निकलेगा! ठीक वैसे ही पैसा निकलेगा जिस तरह 17 महीनों में बिहार में 5 लाख नौकरियां के लिए नीतीश चाचा के मानो 'घर' से जैसे पैसा निकला हो! नौकरी देने के लिए पैसा भी मिल जाएगा, नौकरियां भी मिलेगी और तुम माफी भी मांगोगे NDA के पप्पू यादव जी!

Abhinav Pankaj

55,466 просмотров • 2 лет назад