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ये मुख्यनगरी गोरखपुर का हाल है। कोई है?
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पूरा वीडियो यहां देखें गोरखपुर के थाना पिपराइच थाना क्षेत्र का यह मामला है जिसको योगी बाबा ने दबा दिया

पुलिस मुख्यालय पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इतना शानदार पुलिस मुख्यालय को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बनवाया है धन्यवाद @yadavakhilesh जी 🙏

ये मुख्यनगरी गोरखपुर का हाल है। कोई है?

अपराध बेलगाम हो चुका है , अब लगाम बदलने का वक्त आ चुका है ।🙏🏻

बीजेपी सरकार नहीं चाहिए

जिन्हें तिरंगे से नफरत है,अपना झंडा प्यारा है। गांधी का कातिल अब भी,जिनकी आंखों का तारा है। शर्मनाक इतिहास है जिनका,अंग्रेजों से यारी का। वह अब हमको बांट रहे हैं,सर्टिफिकेट गद्दारी का।

गुंडे माफियाओं का हौसला बुलंद है उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह से फेल है।

यही तो राम राज्य है परम् आदरणीय माननीय विकास पुरुष भइया जी 👏

सुशासन मॉडल का अट्टाहास है। व्यवस्था पूरी तरह बिखर चुकी है और भाषण अभी भी सुशासन मॉडल का गीत गा रहे हैं।

अंधेर नगरी चौपट राजा। योगी ही भोगी है। जिसे परिवार रिश्ते नातों दोस्तों के साथ जीवन जीने का अनुभव ना हो। जिसे परिवार के सदस्यों का दर्द महसूस नहीं किया हो वो भला क्या जनता का दर्द समझेगा।

यह जात्ति के नाम वोट देने वाले यादवों की हालत है क्योंकि उनको नहीं पता कि सपा मुसलमानों की पार्टी है

कहां गई जीरो टॉलरेंस वाली नीति

अपराधियों को इतनी छूट कौन देता है ? क्या अपराधी इसी तरह निर्दोष की हत्या करते रहेंगे ? और सरकार के मुंह में दही जमा रहेगा। किस मुंह से आप कहते हो कि उत्तर प्रदेश में माफियाओं और अपराधियों को मिट्टी में मिला दिया।

भैया सभी जगह का बहुत बुरा हाल है

इलेक्शन आने दो बबुआ

ऊंचाहार बदमाशों का नाम क्यों नहीं बताया मीडिया ने उनका नाम भी तो बताओ तब जाने की कौन से लोग हैं जो अपराध.... इस तरह कर रहे हैं दिनदहाड़े लोगों को गोली मार दे रहे हैं

जय अखिलेश

कोई लेडी पुलिस नही...? 😳

योगी आदित्यनाथ का जंगल राज योगी मोदी मुर्दाबाद बीजेपी मुर्दाबाद

🙏🏻🙏🏻

@palshyamLalsp सब के सब गाजे के नशे में है

उड़न खटोला बना दिया

आखिर कब सुधार आएगा |

भाजपा सरकार मुर्दाबाद

कन्फर्म कर लिया? हत्यारा कोई शांतिप्रिय समुदाय का तो नहीं है? बाद में फातिहा पढने भी तुम्ही जाते हो...

कोई न्ही है उत्तर प्रदेश में जंगल राज क़ायम है..

बाकी मुद्दों पर तो अखिलेश जी के ट्वीट रॉकेट की रफ्तार से आते हैं, लेकिन जब खुद के करीबी नवाब सिंह यादव पर रेप जैसा संगीन आरोप लगा, तो सांप सूंघ गया? ये खामोशी बता रही है कि दाग बहुत गहरे हैं। जुबान खोलिए अखिलेश जी, या फिर स्वीकार कीजिए कि अपराधी आपके अपने हैं! कन्नौज की इत्र वाली खुशबू को अपने ही करीबी के कुकर्मों की बदबू से भर दिया अखिलेश जी। पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने वालों का मुंह अपने क्षेत्र के अपराधी पर क्यों नहीं खुला? दूसरों के घर में आग लगे तो तमाशा देखते हैं, और जब अपने आंगन में नवाब सिंह यादव जैसा 'दरिंदा' निकला तो मुंह पर ताला लगा लिया? अखिलेश यादव जी, आपकी ये चुप्पी चीख-चीख कर बता रही है कि आप अपराधियों के साथ खड़े हैं! बुआ-बबुआ की राजनीति से लेकर 'लड़के हैं, गलती हो जाती है' तक का सफर! नवाब सिंह यादव के साथ सपा सुप्रीमो की ये तस्वीरें महज इत्तेफाक नहीं, बल्कि अपराधियों को दिए गए राजनीतिक संरक्षण का प्रमाण हैं। सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर लेक्चर देने वाले आजतक खामोश क्यों हैं?
