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Ana Sayfaya Dön

सड़क पर उखड़ती भाजपाई भ्रष्टाचार की परत। कोई है?

217,000 görüntüleme • 1 yıl önce •via X (Twitter)

10 Yorum

Sudhir Mishra 🇮🇳 profil fotoğrafı
Sudhir Mishra 🇮🇳1 yıl önce

फोटो लखनऊ आगरा एक्सप्रेस वे की है, जो सपा सरकार में बनने के बाद तुरंत धंस गया था। सूप बोले तो बोले चलनी क्या बोले जिसमें 72 छेद।

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Kuldeep Yadav1 yıl önce

यही तो है भ्रष्टाचारी भाजपाई मॉडल का सच 👇🤡

Parmanand Azamgarhi profil fotoğrafı
Parmanand Azamgarhi1 yıl önce

10 साल में जो हुआ ओ तो सिर्फ ट्रेलर है ट्रेलर आगे बहुत कुछ करना है :- मोई जी

Pratap Solanki 🇮🇳 profil fotoğrafı
Pratap Solanki 🇮🇳1 yıl önce

भापजा ने पूरे देश में भ्रष्टाचार के सिवा कुछ नही किया है उसकी का नतीजा है की आज सड़के टूट रही है !

रजत सिंह(प्रदेश अध्यक्ष) profil fotoğrafı
रजत सिंह(प्रदेश अध्यक्ष)1 yıl önce

भ्रष्टाचार से घिरी सरकार

𝐑🅰🅳🅷🅰 profil fotoğrafı
𝐑🅰🅳🅷🅰1 yıl önce

सब जगह यही हाल है सब के सब कामचोर है कोई ध्यान नहीं देता ग्रामीण इलाको मे!🥹खुद कभी जा की देखते नही वोट टाइम बड़े बड़े फेंकते है 👎🏻

BP Yaduvanshi {काशी} profil fotoğrafı
BP Yaduvanshi {काशी}1 yıl önce

यह रहा BJP का विकास 🤣

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Vishal Pandey1 yıl önce

मझवां मांगे रोहित शुक्ला #उपचुनाव_2024

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drx santosh yadav1 yıl önce

गौरव भाटिया जी 😛😛😛

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Yadvendra1 yıl önce

उत्तर प्रदेश के होने वाले अगले मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव सबसे ज्यादा विकास करने वाले विकास पुरुष सबसे नेक श्री अखिलेश।

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जब भाजपाई विधायक जी को नहीं मिला हिस्सा, तब ही खुला किस्सा! भ्रष्टाचार की परतों में छिपी भाजपाई चोरी तभी खुलती है जब बँटवारे को लेकर झगड़ा होता है। भाजपाइयों ने हर विभाग को, ऊपर से लेकर नीचे तक, भ्रष्टाचार के जाल में फँसा रखा है। जो ईमानदार बाबू या अधिकारी हैं वो भाजपाई मेगा-करप्शन के इस मेगा-नेटवर्क में बहुत घुटन महसूस कर रहे हैं। जो भाजपाई विधायक बड़े मासूम बनकर कह रहे हैं कि ये सिर्फ़ छोटे कर्मचारियों की मिलीभगत से संभव नहीं है, बड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए, तो उन्हें अपनी बात पूरी करते हुए ये भी कहना चाहिए कि ये गोरखधंधा सिर्फ़ भाजपाई विधायक के स्तर पर संभव नहीं है, इसमें भाजपाई सांसद, मंत्री और मुख्यमंत्री के विरुध्द भी ‘काग़ज़ी सड़क’ बनाने की कार्रवाई होनी चाहिए। जिनमें ख़ुद दाग-दोष वो बन रहे सफ़ेदपोश देखते हैं ये मामला जाँच और दंडात्मक कार्रवाई से सुलझता है या शांतिपूर्ण गुप्त बँटवारे से। वैसे ये तो वो मामला है जो खुल गया, बाक़ी का क्या। साहसी पत्रकार से हमारा आग्रह है कि जब ‘6 करोड़’ की सड़क के भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ किया है तो ‘6000 करोड़’ से ज़्यादा के गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के महा-भ्रष्टाचार का महा-भंडाफोड़ भी करें। 6 करोड़ का घोटाला तो 6000 करोड़ से अधिक के महाघोटाले के आगे एक प्रतिशत का दसवाँ हिस्सा भी नहीं है। इस भ्रष्टाचार का लिंक तो गोरखपुर से लखनऊ होते हुए न जाने कहाँ तक रहा होगा। ये डबल इंजन नहीं, डबल करप्शन की सरकार है। ईमानदार कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!

Akhilesh Yadav

174,218 görüntüleme • 1 yıl önce