
Govind Singh Dotasra
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President @INCRajasthan । Ex-Minister for School Education(I.C.),Tourism & Devsthan, GOR। Member of 13, 14, 15 & 16 Legislative Assembly, Laxmangarh, Sikar, Raj
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न्याय का सवेरा कभी तो आएगा... #JusticeForRituBarala 📍 पुलिस कमिश्नरेट, जयपुर
Govind Singh Dotasra71,765 görüntüleme • 5 gün önce

🚨अत्यंत आवश्यक सूचना🚨 जयपुर कूच करें राजस्थान की बेटी रितु बराला की न्याय लड़ाई में राजस्थान पुलिस द्वारा FIR दर्ज करने से इनकार करने के खिलाफ अब निर्णायक आवाज बुलंद करने का समय है। महिला सुरक्षा, संवैधानिक अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर राजस्थान कांग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान है कि आज 20 अक्टूबर को जयपुर पहुंचें और भाजपा सरकार से जवाब मांगें। न्याय के अधिकार को दबाने वाली हर कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध होगा। आइए, रितु बराला को न्याय दिलाने, दोषियों की जवाबदेही तय कराने और कानून के राज की रक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज बुलंद करें। CMO Rajasthan Rajasthan Police Rajeev Sharma IPS
Govind Singh Dotasra35,224 görüntüleme • 6 gün önce

देश को ये तस्वीरें जरूर देखनी चाहिए.. देखिए तिजारा (अलवर) में कांग्रेस के निर्वाचित पार्षदों को भाजपा और पुलिस के चंगुल से किस तरह छुड़ाया गया। हालात ऐसे बना दिए गए कि पार्षदों को मजबूरी में बस के शीशे तोड़कर बाहर निकलना पड़ा। महिला पार्षदों को भी बस से कूदकर बाहर निकलना पड़ा। 21 सितंबर को वोटिंग से पहले 2 दिन तक राजस्थान पुलिस और हरियाणा पुलिस ने सत्ता के इशारे पर कांग्रेस के पार्षदों को बंधक बनाकर रखा, ताकि वो अपने वोट का इस्तेमाल न कर सकें। सोचिए.. जिस BJP को राजस्थान की जनता ने नकार दिया, उसने प्रदेशभर में लोकतंत्र को लूटने के लिए सत्ता के दुरुपयोग से लेकर पुलिसिया तंत्र के बेजा इस्तेमाल तक तानाशाही के क्या-क्या हथकंडे अपनाए हैं। सत्ता के दम पर चुने हुए कांग्रेस पार्षदों पर फर्जी मुकदमे लगाए गए, जबरन उठाया गया, बंधक बनाया गया, धमकाया गया, ताकी उनसे वोटिंग का अधिकार छीन सकें। लेकिन भाजपाई सत्ता की सारी ताकत के बावजूद तिजारा की जनता की ताकत के आगे तानाशाही को झुकना पड़ा। भाजपा और पुलिस के शिकंजे से निकलकर रात 10 बजे कांग्रेस पार्षदों ने तिजारा पहुंचकर वोट किया और कांग्रेस की जीत हुई। मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma जी, चुनाव जीतने के लिए आपने जिस तरह लोकतंत्र को कलंकित किया, उसे राजस्थान न कभी भूलेगा, न ही कभी आपको माफ़ करेगा।
Govind Singh Dotasra171,206 görüntüleme • 1 ay önce

सवाईमाधोपुर में चुनाव ड्यूटी के दौरान अपना फर्ज निभाने वाले पुलिस अधिकारी राजेंद्र मीणा जी का हौसला एवं संविधान और नियमों के प्रति निष्ठा देखकर शायद कुर्सी पर जमे कुछ "दरबारियों" को जरूर शर्म आएगी। कोई तो है खाकी वर्दी वाला, जिसकी वफादारी सत्ता के प्रति नहीं, बल्कि अपने फर्ज के प्रति है। लेकिन सवाल ये है कि राजस्थान पुलिस इतनी बेबस क्यों हैं? सत्ता के अहंकार में BJP के नेता, कानून के दायरे में अपना फर्ज निभा रहे अधिकारी के साथ हाथापाई और बदसलूकी कर रहे हैं, और पुलिस महकमा तमाशा देख रहा है। ऊपर से मुख्यमंत्री को फोन लगाने और नौकरी करना भुला देने की धमकी दी जा रही है। एक पुलिस अधिकारी को खुलेआम इस तरह धमकाया जा रहा है। ऐसा लगता है सत्ता का तांडव चरम पर है, और सरकारी तंत्र भी बेबस बना हुआ है। अगर अब भी इस तानाशाही के खिलाफ आवाज बुलंद नहीं की, तो याद रखिए.. आज राजेंद्र जी का नंबर है, कल आपका नंबर भी आएगा। Rajasthan Police
Govind Singh Dotasra170,009 görüntüleme • 1 ay önce

क्या यही है प्रधानमंत्री मोदी का 'नारी वंदन और नारी सम्मान'? देश की बेटियों के साथ ये कैसी बेरहमी और दुर्व्यवहार है? दिल्ली पुलिस ने किसके आदेश पर बेटियों से ऐसी बर्बरता की? क्या गृह मंत्री अमित शाह इसकी जवाबदेही लेंगे? क्या जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होगी? ऋतु बराला समेत उन तमाम छात्राओं के संघर्ष और साहस को सलाम, जो बाबा साहेब से मिले अधिकारों की रक्षा के लिए निडर होकर सत्य की लड़ाई लड़ रही हैं।
Govind Singh Dotasra60,314 görüntüleme • 12 gün önce

सत्ता का अहंकार टूटेगा लोकतंत्र का हौसला जीतेगा #JusticeForRituBarala
Govind Singh Dotasra20,651 görüntüleme • 6 gün önce

बेटी के सम्मान और न्याय की लड़ाई में हम एक क़दम पीछे नहीं हटेंगे! राजस्थान की बेटी रितु बराला के साथ दिल्ली पुलिस की बर्बरता के बाद भी राजस्थान पुलिस द्वारा FIR दर्ज करने से इनकार करना दुर्भाग्यपूर्ण है। आखिर ये किस कानून का राज है? आज पुलिस कमिश्नरेट में हमने दो टूक कहा कि FIR दर्ज कराना रितु बराला का अधिकार है, पुलिस की मेहरबानी नहीं! जब दूसरे राज्य में FIR दर्ज हो सकती है, तो राजस्थान में क्यों नहीं? क्या सत्ता के दबाव में पुलिस अपने कानूनी दायित्व से मुंह मोड़ लेगी? अगर जरूरत पड़ी तो हम DGP तक जाएंगे, लेकिन न्याय की आवाज़ को दबने नहीं देंगे। मोदी और शाह की सत्ता की मनमानी राजस्थान में नहीं चलेगी। लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वाली बेटियों पर पहले जुल्म और फिर न्याय की प्रक्रिया में बाधा.. ये अन्याय राजस्थान कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। FIR दर्ज होने और दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय होने तक Rahul Gandhi जी की अगुवाई में कांग्रेस पार्टी पुरजोर विरोध और संघर्ष करेगी।
Govind Singh Dotasra22,319 görüntüleme • 7 gün önce

हमारा एक ही सवाल है… एक देश, एक कानून.. फिर दोहरा व्यवहार क्यों? केरल में Zero FIR, तो राजस्थान में इनकार क्यों? राजस्थान की बेटी रितु बराला के साथ दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बर्बरता की। रितु ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए परिवेदना दी, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो उसने अपने गृह राज्य राजस्थान में Zero FIR दर्ज कराने के लिए थाने में शिकायत दी। राजस्थान की बेटी अपने ही प्रदेश के पुलिस कमिश्नरेट में न्याय की गुहार लगाती रही, लेकिन दुर्भाग्य देखिए प्रदेश के CMO के अधिकारियों, गृह मंत्री, गृह राज्य मंत्री, गृह सचिव और पुलिस कमिश्नर में से किसी ने भी बात करना तक उचित नहीं समझा। इससे अधिक संवेदनहीनता और क्या होगी कि न्याय मांग रही राजस्थान की बेटी की आवाज़ सुनने वाला इस सरकार में कोई नहीं है। राजस्थान कांग्रेस के कार्यकर्ता 3 दिन से Zero FIR के लिए सत्याग्रह कर रहे थे। लेकिन सुनवाई नहीं होने पर जब हमने कार्रवाई के लिए अल्टीमेटम दिया, तब राजस्थान पुलिस ने हमसें बात की लेकिन FIR दर्ज नहीं की। पुलिस ने लिखित में जवाब दिया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(1) के तहत Zero FIR दर्ज नहीं हो सकती। अब जब पुलिस ने अपना इनकार लिखित में दे दिया है, तो हमने इस फैसले को न्यायालय में चुनौती देने का निर्णय लिया है। हम माननीय न्यायालय की शरण में जाएंगे, रितु की FIR दर्ज कराने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेंगे और कानून की गलत व्याख्या कर अपने दायित्वों से मुंह मोड़ने वाले जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय कराएंगे। लेकिन विडंबना देखिए... जिस प्रदेश में बेटियों को न्याय के लिए संघर्ष करना पड़े, जुल्म सहने के बाद इंसाफ़ के लिए दर-दर भटकना पड़े और उनके न्याय के लिए हो रहे सत्याग्रह को सत्ताधारी "नौटंकी" कहकर अपमानित करें, वहां की सत्ता की संवेदनशीलता पर मर चुकी है। राजस्थान की बेटी की न्याय की पुकार को "नौटंकी" कहना केवल शर्मनाक नहीं, बल्कि सत्ता के उस अहंकार का प्रमाण है, जहां अन्याय से पीड़ित बेटी का दर्द सुनने के बजाय उसकी आवाज़ को ही अपमानित किया जाता है। भाजपाई सत्ता राजनीतिक दबाव में कानून के प्रावधानों को नकारने की कोशिश कितनी भी कर ले, लेकिन हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। रितु को न्याय दिलाना हमारा संकल्प है, और दोषियों की कानूनी जवाबदेही तय कराना हमारा लक्ष्य। हमारा सत्याग्रह स्थगित हुआ है, संघर्ष नहीं! न्याय होकर रहेगा। Congress Mallikarjun Kharge Rahul Gandhi Priyanka Gandhi Vadra K C Venugopal Jairam Ramesh Sukhjinder Singh Randhawa #JusticeForRituBarala
Govind Singh Dotasra14,985 görüntüleme • 5 gün önce

डरा हुआ तानाशाह, घबराई हुई सरकार और क़ैद राजधानी दिल्ली! मोदी जी, इतना डर? दिल्ली की सड़कों पर कीलें, चप्पे-चप्पे पर फोर्स और मेट्रो से लेकर ट्रेन तक आवाजाही पर पाबंदियां, नेता विपक्ष Rahul Gandhi जी को अपनी बात रखने से रोकना.. क्या यही लोकतंत्र है? मोदी जी, याद रखिए.. सत्ता के दम पर रास्ते रोके जा सकते हैं, लोकतंत्र की आवाज़ नहीं। वोट चोरी करने वाली लोकतंत्र की हत्यारी सरकार को हर हाल में जाना होगा, और ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना पड़ेगा।
Govind Singh Dotasra41,665 görüntüleme • 16 gün önce

हमारी सरकार के समय 24 हजार सफाई कर्मचारियों की भर्ती का विज्ञापन निकाला गया था। भाजपा सरकार ने ढाई साल में तीसरी बार भर्ती निकाली है, लेकिन आज तक भर्ती पूरी नहीं हो सकी हैं। अगस्त में भाजपा सरकार ने 24900 सफाई कर्मचारियों की भर्ती निकाली और 28 सितंबर तक आवेदन मांगे गए हैं, लेकिन भर्ती में ऐसी शर्तें लगा दी गई हैं कि अभी तक सिर्फ 4 हजार के लगभह ही आवेदन आए हैं। यानी जिस 24,900 पदों की घोषणा की गई है, वह मौजूदा नियमों और शर्तों के साथ पूरी होती दिखाई नहीं दे रही। इससे पहले भी इन्होंने एक साल के अनुभव की शर्त लगाकर भर्ती की बात कही थी। उसके बाद अनुभव के नाम पर फर्जी प्रमाण-पत्रों का मामला सामने आया, लेकिन आज तक एक भी सफाई कर्मचारी की भर्ती नहीं हो पाई।
Govind Singh Dotasra116,357 görüntüleme • 1 ay önce

बेटियों के सम्मान की लड़ाई न्याय मिलने तक संघर्ष की लड़ाई
Govind Singh Dotasra21,705 görüntüleme • 9 gün önce
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भाजपा सरकार कान खोलकर सुन लें.. लाठियों के दम पर न आवाज़ दबेगी, न अन्याय के खिलाफ संघर्ष रुकेगा। रितु बराला को न्याय दिलाने की मांग कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और सच्चाई दिखाने वाले पत्रकारों पर लाठीचार्ज निंदनीय एवं भाजपा सरकार की दमनकारी मानसिकता का प्रमाण है। राजस्थान की बेटी को न्याय देने के बजाय आवाज उठाने वालों पर बल प्रयोग करना सरकार की हताशा को उजागर करता है। हमारी मांग है कि पत्रकारों और कार्यकर्ताओं पर हुए इस दमन की जवाबदेही तय की जाए और रितु बराला के मामले में कानून के मुताबिक FIR दर्ज कर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। CMO Rajasthan Rajasthan Police Rajeev Sharma IPS
Govind Singh Dotasra13,647 görüntüleme • 6 gün önce

पूरे राजस्थान में लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं! मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma जी, जब यही तानाशाही करनी थी, तो फिर चुनाव क्यों करवाए? सीधे भाजपा के लोगों को कुर्सियों पर बैठा देते! बहरोड़ की नगर पालिका बर्डोद में शपथ लेने पहुंचे निर्वाचित पार्षदों से पुलिस-प्रशासन द्वारा हाथापाई की जा रही है, उन्हें धमकाने और जबरन उठाने का प्रयास किया गया एवं कांग्रेस विधायक Lalit Yadav MLA जी से अमर्यादित व्यवहार किया गया। आखिर भाजपा सत्ता के लिए और कितना दमन करेगी?
Govind Singh Dotasra72,855 görüntüleme • 1 ay önce

प्रतापगढ़ के छोटीसादड़ी में अवैध खनन रोकने पहुंचे वन विभाग के रेंजर प्रताप सिंह चूंडावत जी को डंपर से कुचलना एवं इलाज के दौरान उनकी मृत्यु की ख़बर अत्यंत पीड़ादायक है। ये केवल एक अधिकारी की हत्या नहीं, राजस्थान की कानून व्यवस्था को खुली चुनौती है। सवाल ये है कि प्रदेश में खनन माफिया इतना बेखौफ कैसे हो गया कि अधिकारियों की जान तक लेने से डर नहीं रहा? ये विडंबना इसलिए है.. क्योंकि भाजपा सरकार का ध्यान केवल जनादेश लूटने और लोकतंत्र की हत्या करने में लगा है, कानून-व्यवस्था का पालन एवं खनन माफिया पर लगाम कसना सरकार की प्राथमिकता में नहीं है। जिस प्रदेश में कानून के रखवाले ही सुरक्षित नहीं है, तो आम आदमी की सुरक्षा का क्या होगा? भाजपा सरकार को चुनाव में बेईमानी का खेल छोड़कर जवाब देना चाहिए... खूनी दुस्साहस करने वाले खनन माफियाओं पर कार्रवाई कब होगी? रेंजर प्रताप सिंह चूंडावत जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं एवं शोकाकुल परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं हैं।
Govind Singh Dotasra61,321 görüntüleme • 1 ay önce

जहां-जहां भाजपा हार रही है, वहां वो सारे हथकंडे अपनाए जा रहे हैं, जो "गुजरात मॉडल" के नूमने हैं! श्रीगंगानगर में नगर परिषद चुनाव में कल वोटिंग से पहले आज पूर्व विधायक राजकुमार गौड़ जी के पारिवारिक सदस्यों के घर पुलिस के छापे डाले गए हैं। नोहर में कांग्रेस नेताओं के घर वर्षों पुराने जमीन विवाद के नोटिस चस्पा कर धमकाया जा रहा है। उधर फतेहपुर में भाजपा की बाड़ाबंदी में नहीं जाने वाले भाजपा पार्षद रामकरण जी पर अवैध अतिक्रमण का नोटिस देकर दबाव बनाया जा रहा है। चुनाव के बीच पुलिस-प्रशासन की ये कैसी सक्रियता है? अगर BJP को वोट से बहुमत नहीं मिला, तो क्या छापेमारी, डर और दबाव के सहारे बोर्ड बनाएगी?
Govind Singh Dotasra58,440 görüntüleme • 1 ay önce