
abhishek upadhyay
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Running most happening news network @TOPSecret24x7 Link given below. A Reporter in war! Russia-Ukrain-Armenia-Israel to Syria, everywhere!
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विशाल सिंह, ये बेहद हास्यास्पद होता जा रहा है। मुझे मालूम पड़ा है कि योगी आदित्यनाथ के सबसे करीबी अधिकारी अमित सिंह ने आपको ये करवाने की सलाह दी है। प्रधानमंत्री मोदी की तरह सेल्फी वीडियो बनाकर और टेलीप्रॉम्प्टर लगाकर संदेश देने की। सूत्रों के मुताबिक आपने इससे पहले अमित सिंह की सलाह पर ही ब्रिटिश डेली में मोदी के बाद योगी के अगले प्रधानमंत्री बनने की ख़बर छपवाने की पहल की थी। योगी आदित्यनाथ के अगले प्रधानमंत्री बनने के अभियान के आप दोनो ही सबसे विशिष्ट कर्णधार हैं। मगर तीन बातों का जरूर ध्यान रखिए। एक फ्रेम ठीक से बनवाइए। दूसरा स्क्रिप्ट में संस्कृतनिष्ठ शब्दों से बचिए। योगी आदित्यनाथ उनका उच्चारण करते हुए दिक्कत में आ जाते हैं, ये साफ दिख रहा है। और तीसरा ये कि योगी आदित्यनाथ को पहले से स्क्रिप्ट पढ़वा दिया कीजिए, ताकि थोड़ा कॉंफिडेंट होकर संदेश दे सकें। बाकी प्रधानमंत्री बनना या न बनना भाग्य के हाथ है!! Information and Public Relations Department, UP CM Office, GoUP
abhishek upadhyay110,823 views • 1 day ago

बहुत बड़ी ख़बर- मुझे तलाशने के लिए दिल्ली के पूर्व मेयर फरहाद सूरी के घर घुस गई थी गाजियाबाद पुलिस। फरहाद सूरी के घर जमकर बवाल काटा गाजियाबाद पुलिस ने। फरहाद सूरी ने गाजियाबाद पुलिस के खिलाफ एफआईआर के लिए दिल्ली पुलिस को तहरीर दी। फरहाद सूरी ने पूरा कहानी आजतक के दिल्ली चैनल 'दिल्ली आजतक' पर बयां की है। साथ में प्रमाण के तौर पर उस रात का वीडियो भी डाला है। आप इस कहानी को सुनेंगे तो दंग रह जाएंगे। ये कहानी 22-23 अगस्त की दरम्यानी रात की है। फरहाद सूरी के बनाए उस रात के इस वीडियो में गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने का ACP सूर्यबली मौर्या साफ तौर पर पुलिस टीम को लीड करता साफ दिख रहा है। ये वही सूर्यबली मौर्या है, जिसने मेरे घर रात के करीब 11 बजे दर्जन भर पुलिस वाले भेज दिए थे और अगले दिन बिना नोटिस मेरी कार उठवा ली। योगी आदित्यनाथ की नज़रों में आने के लिए ये इस कदर बेचैन था, कि किसी भी कीमत पर मुझे गिरफ्तार करने की खातिर सारे नियम कानून तोड़ता गया। फरहाद सूरी बताते हैं कि इसने उस रात उन्हें भी गुमराह किया। उनसे बोला कि हम डबल मर्डर के आरोपी को तलाशने आए हैं। जबकि निजामुद्दीन थाने की आमद में साफ तौर पर दर्ज था कि ये मेरे मामले में आया हुआ है। फरहाद सूरी बताते हैं कि इस आदमी ने निजामुद्दीन थाने के SHO तक को गुमराह किया। एंट्री में कुछ और लिखा और उनको बताया कि ये डबल मर्डर के आरोपी को तलाशने आया है। फरहाद सूरी के मुताबिक इस वीडियो में यूपी के करीब 6 जिलों की पुलिस दिख रही थी। इसमें नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, बरेली और मुजफ्फरनगर पुलिस की गाडि़यां शामिल थीं। ये सबकी सब मेरी तलाश में दिल्ली में छापा मारने आईं थीं। राम मंदिर चढ़ावा चोरी के खुलासे से बौखलाए योगी आदित्यनाथ को एक रोड रेज़ के फर्जी मामले में, जिसका मेरे लाख मांगने पर भी गाजियाबाद पुलिस आज तक सीसीटीवी जारी नहीं कर सकी है, किसी भी सूरत में मेरी गिरफ्तारी चाहिए थी। मगर वो अंग्रेजी की मशहूर कहावत है न कि Man proposes God disposes सो ‘कथित’ रोड रेज के मामले में, X के कैलीफोर्निया दफ्तर को मेरे मोबाइल की लोकेशन, लॉग्स, मोबाइल का IMEI नंबर पता करने के लिए 'Most important' चिट्ठी लिखने वाली यूपी पुलिस ने, उस रोज़ मुझे गिरफ्तार करने के लिए पूरी ताकत लगा दी। फरहाद सूरी बताते हैं कि ये ACP छह जिलों की पुलिस साथ लेकर गिरफ्तार करने दिल्ली पहुंचा था। अब आप खुद सोचिए, कि इस दौर में यूपी पुलिस किस तरह से योगी आदित्यनाथ की प्राइवेट आर्मी में तब्दील हो चुकी है, जो उनके खिलाफ लिखने बोलने वालों का मुंह बंद करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। ये तो मेरे गुरुदेव आचार्य श्रीराम शर्मा का साक्षात आशीर्वाद है कि संविधान की हत्या करके व्यक्तिगत दुश्मनी निकालती इस मदाक्रांत सत्ता की सारी चालें फेल हो गईं। संविधान की हत्या पर उतारू बड़ी से बड़ी सत्ता का एक रोज़ महापतन हुआ है। वक्त सबका आएगा। प्रतीक्षा कीजिए। Delhi Police POLICE COMMISSIONERATE GHAZIABAD UP POLICE DGP UP
abhishek upadhyay120,550 views • 3 days ago

बहुत बड़ी ख़बर- गोरखपुर आकर सीएम सिटी में बदहाली का ऐसा सच बता गईं गर्वनर आनंदी बेन पटेल!! गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में आईं गर्वनर आनंदी बेन पटेल ने कुछ इस अंदाज़ में बोलना शुरू किया- "जो हमारी कमियां है, वो तो मुझे बताना ही पड़ेगा। ये तो गोरखपुर है, जहां स्वयं हमारे मुख्यमंत्री वहां विराजमान हैं, वहां ऐसी कमियां रहेंगी तो क्या होगा?" इसके बाद तो गर्वनर साहिबा ने जैसे पिटारा ही खोल दिया। "बिजली, पानी, पंखे और गंदगी की समस्या से लेकर ड्रग्स व दारू तक....." अपने भाषण में कोई भी सिरा नहीं छोड़ा। बंजर पड़ी ज़मीन में कुछ भी हरा नहीं छोड़ा! सोचिए, ये सीएम सिटी का हाल है, ज़मीन पर सिस्टम पूरा ध्वस्त है, बस भाषणों में कमाल ही कमाल है।
abhishek upadhyay426,842 views • 1 month ago

Big- ये यूपी की सबसे बड़ी ख़बर है। योगी आदित्यनाथ अगले चुनाव में मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं होंगे। अगर पार्टी चुनाव जीतती है तो मुख्यमंत्री का चयन चुनाव के बाद सबसे सलाह मशवरा करके तय किया जाएगा। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने आज डंके की चोट पर ऐलान कर दिया है। सोचिए, 'आज तक' के पास इतनी बड़ी ख़बर है और फिर भी वो खेल नहीं पा रहा है? आखिर क्यों? इस यक्ष प्रश्न का जवाब सिर्फ इतना है, कि आजतक की इस 'पंचायत' की स्पॉन्सरशिप में सरकार का हिस्सा कितना है?
abhishek upadhyay628,908 views • 1 month ago

ग़ाज़ियाबाद पुलिस, अभी कुछ देर पहले मेरे घर से मेरी कार क्यूँ उठाकर ले गए हैं आप? मुझे नहीं उठा पाए तो मेरी कार उठा ली? क्या प्लांट करोगे इसमें? तरकीबें वही पुरानी हैं या कुछ नया करोगे? आपकी जानकारी के लिए बता दूँ कि जो कार उठाकर ले गए हो, वो मुझे रूस-यूक्रेन की फ़्रंट लाइन से वॉर कवरेज के ईनाम के तौर पर मिली थी। जान जोखिम में डालकर की गई उस कवरेज के चलते ही हमारा नया नवेला चैनल पहली बार शीर्ष पर पहुंचा था। योगी आदित्यनाथ से कहना कि क़िस्मत से मिली सत्ता के अहंकार में आपा खो देने, और जान जोखिम में डालकर कमाई कार के गर्व में उतना ही फर्क होता है, जितना माया मोह से रहित एक निष्काम योगी, और मठ की संपत्ति में प्रचंड बढ़ोतरी के लिए दिन रात सत्ता का इस्तेमाल करते ‘कथित’ संत में होता है!
abhishek upadhyay152,228 views • 16 days ago

Super Exclusive - 'विशाल' लैंड डील! 'विशाल' सवाल!! योगी के ताकतवर IAS पर, ये रिपोर्ट बवाल!! यूपी के सुचना निदेशक विशाल सिंह की भदोही में एक के बाद एक कई लैंड डील। ज़मीनों की ख़रीद-फरोख़्त के सारे कागज़ात 'टॉप सीक्रेट' पर। बड़ी बात ये कि इन ज़मीनों की ख़रीद के विक्रय पत्र में उनका व्यवसाय "व्यापार" लिखा गया है, जबकि विशाल सिंह व्यापारी नहीं हैं बल्कि वे 2015 बैच के IAS अधिकारी हैं। खास बात यह भी है कि इन ज़मीनों का प्रकार कृषि है और जिस ट्रस्ट के नाम पर ये ज़मीन खरीदी गई है, वो खेती नहीं करता है, बल्कि विशाल आवासीय स्कूल चलाता है। स्वामी अतुलानंद सेवा न्यास के मुख्य ट्रस्टी के तौर पर विशाल सिंह ने जून 2023 में खरीदी कई ज़मीनें। विशाल सिंह द्वारा ट्रस्ट के नाम पर खरीदी गई एक ज़मीन 15 करोड़, 27 लाख, 20 हज़ार की है, जिसका क्षेत्रफल लगभग 4 हेक्टेअर में है। विशाल सिंह द्वारा ट्रस्ट के नाम पर खरीदी गई एक और ज़मीन 1 करोड़ 72 लाख 80 हज़ार की है। इसका क्षेत्रफल 0.617 हेक्टेअर है। उनकी पत्नी दिव्या सिंह के नाम से भी यहां ज़मीनें खरीदी गई हैं। दिलचस्प बात ये भी है कि जून 2023 में यूपी के भदोही जिले में ये ज़मीनें खरीदी जाती हैं, और विशाल सिंह फरवरी 2024 में इसी भदोही जिले के डीएम बन जाते हैं। विशाल सिंह के डीएम रहने के दौरान ही इस ज़मीन पर ये विशाल आवासीय स्कूल बनकर तैयार होता है। भदोही के खरगापुर स्थित इस विशाल स्कूल का नाम संत अतुलानंद रेजीडेंशियल एकेडमी। इस विशाल आवासीय स्कूल के Mentor खुद विशाल सिंह हैं, जबकि उनकी पत्नी दिव्या सिंह इसकी डायरेक्टर हैं। विशाल सिंह के Immovable Property Declaration (2024-25-26) में कहीं भी इस संपत्ति का जिक्र नहीं है। हमने विशाल सिंह को ईमेल करके पूछा है कि क्या उन्होंने सरकार को अपने इस "व्यापार" की जानकारी दी है? आखिर आय के इस स्रोत की गंगा कहां से निकली है? पूरी ख़बर TOP SECRET
abhishek upadhyay166,206 views • 18 days ago

ये तो ग़ज़ब की टाइमिंग है। महज़ 24 घंटे पहले ही यूपी की गवर्नर आनंदी बेन पटेल ने सीएम सिटी गोरखपुर के भीतर की दुर्दशा की कलई खोल दी, और उसके 24 घंटे के भीतर ही योगी आदित्यनाथ ये कहते हुए पाए जा रहे हैं कि कुर्सी कल जानी हो तो आज ही चली जाए!! वो भी नोएडा के इस अंधविश्वास का उदाहरण अंबेडकर नगर की सभा में दे रहे हैं!! ये यूपी में चल क्या रहा है? वक्त की आंख में पल क्या रहा है?
abhishek upadhyay233,145 views • 1 month ago

Super Exclusive-- राम मंदिर पर सबसे विस्फोटक खुलासा। पहली बार नृपेंद्र मिश्रा की अगुवाई वाली राम मंदिर Construction committee पर सवाल। 27 जुलाई को राम मंदिर के लेखा प्रभारी रहे महिपाल सिंह की SIT को दी गई 'विस्फोटक' गवाही। पहली बार सामने आई। "800 करोड़ का राम मंदिर, 2200 करोड़ में बना, और वो भी 'दोषपूर्ण' बना!! राम मंदिर के पैसे से, VHP का घर बना!!" 26 जुलाई को SIT ने महिपाल सिंह से ईमेल के माध्यम से मांगी थी जानकारी। 27 जुलाई को महिपाल सिंह ने SIT को दी जानकारी। महिपाल ने SIT को बताया- "जगन्नाथ मंदिर, लवकुश मंदिर और रंगमहल में राम मंदिर के लिए फ्री में मिल रहा था कार्यालय, फिर भी चंपत राय ने लाखों खर्च किए। चंपत राय के आवास पर बिना रसीद दिए ही, राम मंदिर के लिए चंदा लिया जाता रहा। उस राशि की चोरी हुई, पर कोई एक्शन नहीं हुआ। राम मंदिर ट्रस्ट के पैसों से विश्व हिंदू परिषद की कालोनी में निर्माण किए गए। राम मंदिर ट्रस्ट के पैसों से विश्व हिंदू परिषद के कार्यक्रम किए गए। विश्व हिंदू परिषद की कालोनी में रहने वाले लोगों को राम मंदिर के पैसों से मानदेय का भुगतान किया गया। निशुल्क मिल रहे पत्थरों की जगह घटिया क्वालिटी के पत्थर बहुत अधिक कीमत पर लिए गए। राम लला के झूले के लिए 150 किलो चांदी आई, मगर झूला सिर्फ 85 किलो में बनाया गया। चंपत राय ने अनेक विवादास्पद संपत्तियां खरीदी, जिनका कब्जा ही नहीं मिला। ट्रस्ट को करोड़ों का नुकसान हुआ। राम मंदिर निर्माण का एस्टीमेट 800 करोड़ का था, 2200 करोड़ से ज्यादा का खर्च हुआ। राम मंदिर का निर्माण वास्तु के विपरीत हुआ। राम मंदिर के लिए आया मुकुट गायब हुआ। मुकट गायब करने वालों को चंपत राय ने क्षमा किया। कोई पुलिस कार्यवाही नहीं की।" महिपाल सिंह ने यह भी लिखा- "मेरी दी गई जानकारी पूरी तरह 100 परसेंट सत्य है।" पूरी खबर TOP SECRET
abhishek upadhyay257,513 views • 1 month ago

योगी आदित्यनाथ ने 'भाषण मत दो' क्यों कहा? वो भी उस मां को, जो उनके ही महकमे की भीषण आपराधिक हरकत के चलते लखनऊ के अग्निकांड में अपना लाल खो चुकी थी। ये समझने के लिए आपको योगी आदित्यनाथ को समझना होगा। दरअसल यही 'असली' योगी आदित्यनाथ हैं। ये कोई पहली बार नहीं हुआ है और न ही आखिरी बार। उनकी अविस्मरणीय और अकल्पनीय संवेदनहीनता का एक और उदाहरण देखिए- ये घटना अप्रैल 2018 की है। कुशीनगर में स्कूल वैन और ट्रेन की टक्कर में 13 बच्चों की दर्दनाक मौत हुई थी। ये एक मानव रहित क्रासिंग थी। लोग भड़के हुए थे। प्रशासन के खिलाफ आक्रोश ज़ाहिर कर रहे थे। योगी आदित्यनाथ बतौर सीएम वहां पहुंचे और उन 13 बच्चों की दर्दनाक मौत के विरोध में उमड़े इस आक्रोश पर त्योरियां चढ़ाते हुए इन शब्दों का प्रयोग किया- "ये नारेबाजी बंद करो, नौटंकी बंद करो।" आप अगर योगी आदित्यनाथ को जानते हैं तो जितना मैं लिख रहा हूं, उससे भी बहुत ज्यादा जानते होंगे!!
abhishek upadhyay420,386 views • 2 months ago

Exclusive- बड़ी ख़बर- 27 से ठीक पहले योगी की प्रधानमंत्री फाइल्स!! Big story यूपी में कैसे चुपचाप चल रहा है योगी आदित्यनाथ को अगला प्रधानमंत्री बनाने का महाअभियान! सामने आ गया पूरा प्लान। कैसे ब्रिटिश डेली Financial Times को यूपी के मुख्यमंत्री आवास में access दी गई! योगी की बाइट दिलवाई गई! कैसे योगी आदित्यनाथ की जयजयकार वाली जीवनी लिख चुके, और उस जीवनी पर उनकी तारीफों से सनी 'सुपर फ्लॉप' फिल्म बनवा चुके व्यक्ति से Financial Times को quote दिलवाया गया! कैसे योगी के सुबह 4 बजे उठने, योग व्यायाम करने से लेकर मोदी से योगी के resemblance को आधार बनाकर पूरी स्क्रिप्ट बुनी गई! और फिर Financial Times में छपे लेख का शीर्षक चुना गया -- "The Hindu monk who could succeed Modi" कैसे सूचना यूपी के चुनाव को पीएम चुनने के चुनाव में तब्दील कर रहा! बीजेपी के भीतर 2014 के बाद प्रधानमंत्री बनने की पहली 'खुली' जंग? 7000 करोड़ के विज्ञापन के संग? पूरी खबर TOP SECRET
abhishek upadhyay33,977 views • 5 days ago

बड़ी खबर- योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर ट्रस्ट के मामले में राज्य सरकार की भूमिका से पल्ला झाड़ा। कहा कि राज्य सरकार बिना सुप्रीम कोर्ट या फिर ट्रस्ट के आग्रह के कोई हस्तक्षेप या निर्णय नहीं ले सकती। योगी आदित्यनाथ को जिसने भी ये बयान देने की सलाह दी, वो उन्हें ये बताना भूल गया कि उनकी सरकार खुद इस ट्रस्ट का हिस्सा थी। उनकी सरकार के एक नहीं, बल्कि दो ज़िम्मेदार अधिकारी इस ट्रस्ट का हिस्सा थे और अब भी हैं। अगर सरकार की इस ट्रस्ट में कोई दख़ल, जवाबदेही या फिर भूमिका नहीं थी, तो वे अधिकारी इस ट्रस्ट में क्या करने के लिए रखे गए थे? चंपत राय और अनिल मिश्रा की चरण रज का स्पर्श कर उन्हें प्रणाम करने के लिए?
abhishek upadhyay172,573 views • 1 month ago

लखनऊ से बड़ी ख़बर- 'मैं खड़ी रही, पूजा नहीं करने दी', BJP की दलित विधायक ने लगाए जातिगत भेदभाव के आरोप। बीजेपी विधायक जय देवी कौशल ने लखनऊ के काकोरी में मंदिर में पूजा के दौरान उनसे जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वो जीर्णोद्धार समारोह में गईं थी, जहां उन्हें पूजा नहीं करने दी। विधायक के पति और पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने भी गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने बताया कि ये हाल तब हुआ जबकि इस मंदिर का जीर्णोद्धार उन्होंने ही करवाया था। यूपी में दलितों के साथ हो रहे बर्ताव का ये वो चेहरा है, जो खुद सत्ता पक्ष के आईने में उभरा है। हालात कितने गंभीर हैं, आप खुद ही अंदाज़ा लगा सकते हैं।
abhishek upadhyay89,111 views • 17 days ago

ये इंटरव्यू नहीं था! ये सिर्फ़ योगी आदित्यनाथ की जयजयकार करने और अखिलेश यादव के लिए अपशब्द बकने की सुपारी था!! शंकराचार्य में क्या ख़ूबसूरती से इसे हैंडल किया! और कितनी तार्किक बात कही- “कि 9 साल से योगी आदित्यनाथ सत्ता में बैठे हैं और आप कहते हो कि हम अखिलेश यादव से सवाल पूछें!!”
abhishek upadhyay156,407 views • 1 month ago

Super Exclusive- "पुलिस हमारे पीछे पड़ी, मेरे घर वालों की डिटेल नोट कर रहे। मेरे दोस्तों को रात को थाने बुलाया। अपशब्द कहे। बहुत टेंशन में हैं। घर वाले डरे हुए हैं।" देश के पहले Zen Alpha आंदोलन का नायक 12 वीं का छात्र अंकुर सोनकर Live स्कूल में पानी, पंखे और शौचालय की खातिर यूपी के फतेहपुर के इंटर कॉलेज के जिस छात्र ने छेड़ा देश का पहला Zen Alpha आंदोलन, और प्रशासन को झुका दिया, उस छात्र अंकुर सोनकर के साथ यूपी पुलिस ने क्या किया? पूरा इंटरव्यू TOP SECRET
abhishek upadhyay148,778 views • 1 month ago

Super Exclusive- गोविंद देव गिरी राम मंदिर के नए बॉस कैसे बने? राम मंदिर के लेखा प्रभारी रहे महिपाल सिंह का दंग करने वाला खुलासा। “जिसे देना था इस्तीफा, वो महासचिव कैसे बन गया? ट्रस्ट भी अपना! कोषाध्यक्ष भी अपना! ये गणित कैसे बन गया?” महिपाल सिंह ने चौंका दिया! असली राज़ बता दिया!!
abhishek upadhyay19,637 views • 4 days ago

Super Exclusive- मोदी सरकार में पूर्व केंद्रीय मंत्री बीजेपी नेता कौशल किशोर का लखनऊ से सनसनीख़ेज़ इंटरव्यू। कानून-व्यवस्था से लेकर आरक्षण तक योगी राज पर डायरेक्ट अटैक। "अगर एनकाउंटर हो रहे हैं तो अपराधी कैसे बढ़ रहे हैं? ये कैसा हॉफ एनकाउंटर जिसमें पैर के मांस में गोली धंसती है, हड्डी में नहीं लगती है? कार्यकर्ताओं की थाने-तहसील कहीं सुनवाई नहीं। सबके भीतर बहुत निराशा है। यूपी में जो बैकलॉग है, वो तो आरक्षण का ही है। उसे नहीं भरा जा रहा। मेरी सिक्योरिटी तक वापिस ले ली गई।" (पूरा इंटरव्यू कुछ ही देर में, ‘टॉप सीक्रेट’ पर)
abhishek upadhyay21,955 views • 5 days ago

बड़ी ख़बर- मां की हत्या पर की जा रही झूठी सरकारी रिपोर्टिंग पर भड़के IPS आशुतोष मिश्रा। ऐसे चैनलों के लिए कहा कि- "ये सुधर जााएं तो देश सुधर जाएगा। न पुलिस की रिपोर्ट है इनके पास। न मेरे घर आकर पूछे। और चला रहे हैं कि जवाहरात बरामद हो गए।” दरअसल आशुतोष मिश्रा की मां के मुंह में कपड़ा ठूंसकर हत्या की गई। जवाहरात लूट लिए गए। एफआईआर में ये सब लिखा भी है। मगर कुछ खास चैनल बता रहे हैं कि हत्या और लूट की कहानी झूठी है। उनके पास न कोई पुलिस की रिपोर्ट, न कोई सबूत। बस जो कहीं से बताया गया, उसी को टाइपिंग मशीन की तरह खटाखट चला दिया। आशुतोष मिश्रा ने अंबेडकर नगर की पुलिस कप्तान प्राची सिंह के लिए यहां तक कह दिया, कि वे बता रही हैं कि खुलासा हो गया, लूटा गया सामान मिल गया। ऐसा कुछ नहीं हुआ और प्रेस में निकाले बैठे हुए हैं। आशुतोष मिश्रा ने पुलिस और पुलिसिया पत्रकारिता दोनो को आइना दिखा दिया है, मगर आपके लिए सोचने वाली बात ये है कि जब इस सिस्टम में एक IPS का ये हाल है, तो आम जनता का क्या होगा, यही तो असली सवाल है?
abhishek upadhyay68,232 views • 19 days ago

आ ही गई उस माँ की गवाही!! लखनऊ के भीषण अग्निकांड में झुलसकर मरे आदित्य श्रीवास्तव की माँ की गवाही। ये कहा था, योगी आदित्यनाथ ने- “जो पूछ रहे हैं, वो बताओ, भाषण मत दो। हम भाषण सुनने नहीं आए हैं!” यही वो हिस्सा था जिसके बीच PTI ने audio mute कर दिया था। ABP News के सीतापुर संवाददाता पंकज सिंह गौर ने इसे सामने लाकर पत्रकारिता का धर्म निभा दिया। आप एक पल के लिए सब माफ कर दीजिए। हिंदू-मुस्लिम के पर्दे के पीछे जारी प्रचंड भ्रष्टाचार को माफ कर दीजिए! सत्ता की रगों का ग्लूकोज़ बन चुके उन्मुक्त जातिवाद को माफ़ कर दीजिए! बुलडोज़र के कहीं पाशविक आक्रमण तो कहीं भीगी बिल्ली से समर्पण को माफ़ कर दीजिए! कानून की टाँग और सीने में धँसे संदेहास्पद एनकाउंटरों को माफ़ कर दीजिए! पर क्या आप कभी भ्रष्टाचार की आग में अपना बेटा खोकर ज़ार-ज़ार बिलखती इस माँ के साथ की गई, सत्ता के अहंकार की ऐसी बदसलूकी को माफ़ कर सकेंगे? सोचिएगा!! PMO India Narendra Modi RSS
abhishek upadhyay225,162 views • 2 months ago