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नई नई संभोग।। ज़्यादातर पुरुषों के बीच एक बहुत ही आम और पुरानी गलतफहमी है कि बेड में अच्छा होने का सीधा मतलब घंटों तक टिके रहना या हर रोज़ नए और अजीबोगरीब करतब दिखाना है। लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। विज्ञान, रिसर्च और खुद महिलाओं के अनुभव बताते हैं कि वे शारीरिक प्रदर्शन से कहीं ज़्यादा एक गहरा कनेक्शन, आपके हुनर और यह महसूस करना चाहती हैं कि आप उन्हें सच में चाहते हैं। जब बात चरम सुख की आती है, तो हेटेरोसेक्सुअल (पुरुष के साथ संबंध बनाने वाली) महिलाओं की संतुष्टि का प्रतिशत केवल 65% है, जबकि पुरुषों का 95%। यह बहुत बड़ा अंतर किसी शारीरिक कमी की वजह से नहीं है, बल्कि तकनीक, फोकस और परवाह की कमी का नतीजा है। आइए विस्तार से जानते कुछ वह बातें जो हर महिला वास्तव में चाहती है। 1️⃣भावनात्मक जुड़ाव किसी भी बेहतरीन शारीरिक अनुभव की शुरुआत दिमाग और दिल से होती है। एक महिला के लिए सिर्फ शरीर का मिलना काफी नहीं है; उसे सुरक्षित और भावनात्मक रूप से वांछित महसूस करने की ज़रूरत होती है। आर्काइव्स ऑफ सेक्सुअल बिहेवियर (Archives of Sexual Behavior) की स्टडीज़ बताती हैं कि चरम सुख की गिनती से कहीं ज़्यादा, भावनात्मक जुड़ाव महिलाओं की सेक्शुअल संतुष्टि को तय करता है। जो महिलाएँ एक मज़बूत और भरोसेमंद रिश्ते में होती हैं, वे कैज़ुअल हुकअप्स के मुकाबले कहीं अधिक संतुष्टि का अनुभव करती हैं। 2024 के डेटा भी यही साबित करते हैं कि अगर वह आपके साथ भावनात्मक रूप से सुरक्षित महसूस नहीं करती, तो आपकी बेहतरीन तकनीक भी उसे खोखली लगेगी। इसलिए, सबसे पहले दिल से दिल का कनेक्शन बनाएँ, शरीर खुद-ब-खुद जुड़ जाएगा। 2️⃣ फोरप्ले में जल्दबाज़ी न करें! जल्दी शुरू और जल्दी खत्म वाला रवैया महिलाओं के लिए बहुत निराशाजनक होता है। महिलाओं के शरीर को उत्तेजित होने और वार्म-अप होने के लिए पुरुषों की तुलना में अधिक समय चाहिए होता है। किन्से इंस्टीट्यूट और हालिया सर्वे के अनुसार, फोरप्ले को प्राथमिकता देने से महिलाओं के चरम सुख तक पहुँचने की संभावना बहुत बढ़ जाती है। कई महिलाओं को पूरी तरह से उत्तेजित होने के लिए कम से कम 15 से 20 मिनट या उससे ज़्यादा के फोरप्ले की ज़रूरत होती है। जब आप जल्दबाज़ी करते हैं, तो वह हताश महसूस करती है, जिससे ऑर्गेज़्म गैप और बढ़ जाता है। इसके विपरीत, जब आप धीरे-धीरे आगे बढ़ते हैं, तो उसे लगता है कि आप उसकी परवाह करते हैं और केवल अपने मतलब के लिए जल्दी में नहीं हैं। 3️⃣ क्लिटोरल स्टिम्यूलेशन पर पूरा ध्यान! यह एक ऐसा वैज्ञानिक सच है जिसे अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है। ज़्यादातर महिलाएँ सिर्फ पेनिट्रेशन से संतुष्ट नहीं होती हैं। जर्नल ऑफ सेक्स एंड मैरिटल थेरेपी की एक स्टडी के अनुसार, 36% से अधिक महिलाओं को चरम सुख तक पहुँचने के लिए सीधे क्लिटोरल टच की ज़रूरत होती है। केवल 18% महिलाएँ ही ऐसी हैं जो सिर्फ वैजाइनल पेनिट्रेशन से संतुष्ट हो पाती हैं। वहीं लगभग 75% का मानना है कि क्लिटोरल स्टिम्यूलेशन से उनका अनुभव कहीं ज़्यादा बेहतर हो जाता है। 50,000 से अधिक लोगों पर किए गए सर्वे में यह सामने आया कि लेस्बियन महिलाएँ (86%) इसलिए ज़्यादा ऑर्गेज़्म का अनुभव करती हैं क्योंकि उनका फोकस क्लिटोरिस पर अधिक होता है। सीधे शब्दों में कहें तो, क्लिटोरिस को अनदेखा करना उसकी खुशी को अनदेखा करने के बराबर है। 4️⃣ ओरल सेक्स का सही तरीका और उत्साह! ओरल सेक्स महिलाओं की सबसे बड़ी चाहतों में से एक है, बशर्ते इसे सही तरीके से और पूरे उत्साह के साथ किया जाए। एक बड़े सर्वे में 90.9% महिलाओं ने स्वीकार किया कि उन्हें ओरल सेक्स का आनंद लेना बहुत पसंद है, और 78% ने कभी न कभी इसके ज़रिए ऑर्गेज़्म महसूस किया है। यहाँ सबसे ज़रूरी बात आपका उत्साह है। उसे यह महसूस होना चाहिए कि आप इसे एक काम की तरह नहीं कर रहे हैं, बल्कि आप सच में इसे एन्जॉय कर रहे हैं। औसतन 20 मिनट की अवधि इसके लिए आदर्श मानी जाती है। उंगलियों और जीभ का सही तालमेल 92% महिलाओं को पसंद आता है। 5️⃣खुलकर बातचीत_करना बिस्तर पर खामोशी अक्सर केमिस्ट्री को खत्म कर देती है। आप क्या कर रहे हैं और वह कैसा महसूस कर रही है, इस पर खुलकर बात करना एक औसत अनुभव को शानदार बना सकता है। किन्से-समर्थित स्टडीज़ दिखाती हैं कि सेक्सुअलिटी पर खुलकर बात करना और अपनी पसंद-नापसंद साझा करना ज़्यादा ऑर्गेज़्म रेट से जुड़ा है। यह सोचना कि मैं सब जानता हूँ या उसकी इच्छाओं का सिर्फ अंदाज़ा लगाना अक्सर गलत साबित होता है। इसके बजाय, प्यार से पूछें, तुम्हें यह कैसा लग रहा है? या क्या तुम कुछ और चाहती हो? जब आप उसकी बात ध्यान से सुनते हैं, तो उसे महसूस होता है कि उसकी राय मायने रखती है, जिससे वह ज़्यादा रिलैक्स होकर आपके करीब आती है।
तृप्त ...🖤
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