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The information shared in the Census is kept completely confidential. It is never used for any investigation or tax purposes. Choose trust over rumours. Participate in the Census. Our Census, our development. जनगणना में दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहती है। इसे किसी भी जांच या टैक्स के...

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आज जो अधिसूचना आई है, इसमें नई बात क्या है- इस अधिसूचना में यही कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में अक्टूबर 2026 को और भारत के अन्य राज्यों में मार्च 2027 को जनगणना होगी। इस बारे में 30 अप्रैल को जो घोषणा की गई थी, वही बात फिर से दोहरा दी गई है। हालांकि इसमें सिर्फ जनगणना की बात है, जातिगत जनगणना की बात नहीं है। आखिर इसमें जाति का जिक्र क्यों नहीं किया गया- क्या PM मोदी ने मन बदल लिया है? • PM मोदी 28 अप्रैल 2024 को कहते हैं- जातिगत जनगणना की बात करने वाले 'अर्बन नक्सल' की सोच रखते हैं। • मोदी सरकार सुप्रीम कोर्ट में 23 सितंबर 2021 में हलफनामा देकर कहती है कि हम जातिगत जनगणना नहीं कराएंगे। यह हमारी नीति के खिलाफ है। • लोक सभा में पूछे गए सवाल पर भी मोदी सरकार ने कहा कि हम जातिगत जनगणना नहीं कराएंगे, हम इसका विरोध करते हैं। लेकिन अचानक से मोदी सरकार 30 अप्रैल, 2025 को पलटी मारते हुए जातिगत जनगणना कराने की बात कह देती है। यानी सरकार को कांग्रेस पार्टी, कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे और नेता विपक्ष श्री राहुल गांधी के दबाव में आकर ये फैसला लेना पड़ा। हमारे संविधान में केंद्र सरकार को जनगणना की जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे में हमारी मांग रही है कि राष्ट्रीय स्तर पर की जाने वाली जातिगत जनगणना में 'तेलंगाना मॉडल' अपनाया जाना चाहिए- लेकिन इस अधिसूचना में इसकी कोई बात नहीं की गई है। जनगणना कराने का खर्च कुल 10 हजार करोड़ रुपए होगा, जबकि 2025-26 के बजट में सेन्सस कमिश्नर के ऑफिस- जिसपर जनगणना करने की जिम्मेदारी होती है- उसे सिर्फ 575 करोड़ का बजट दिया गया है। ऐसे में सवाल है कि आवंटन कहां से आएगा? इस अधिसूचना में जाति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। इसमें कितने सवाल होंगे और क्या सिर्फ गिनती होगी या सामाजिक, आर्थिक स्थिति पर भी सवाल होंगे? यानी- इसमें कोई डेडलाइन नहीं है। मोदी सरकार ने सिर्फ हेडलाइन बनाने के लिए यह अधिसूचना निकाली है। इस विषय में बहुत से सवाल हैं और हम यह दबाव बरकरार रखेंगे कि 'तेलंगाना मॉडल' राष्ट्रीय स्तर पर अपनाया जाना चाहिए। : कांग्रेस महासचिव (संचार) श्री Jairam Ramesh

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