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भाजपा के ख़िलाफ़ जनता का गुस्सा पाँचवें चरण में चरम पर पहुँच गया है। अब तो भाजपा ख़ुद भी हार मान चुकी है और अपने संगी-साथियों तक पर कटाक्ष कर रही है। कहा जाता है हारते हुए लोग आपस में ही लड़ जाते हैं। भाजपा में आपसी झगड़े का...

206,847 views • 2 years ago •via X (Twitter)

8 Comments

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suman2 years ago

खान सर का मोदी जी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए 40 में से 39 सांसद देने वाले बिहार वासियों के लिए संदेश! सभी बिहार वासियों को जरूर सुनना चाहिए! सोच समझ कर वोट करना।

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Anuradha Patel2 years ago

इंडिया गठबंधन जिंदाबाद 🔥

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Anuradha Patel2 years ago

🙏

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Anshika Singh Yadav2 years ago

ये रैली नहीं रैला है इंडिया है तैयार करने को INDIA का 400 पार No More BJP NO More Modi सरकार 🙏

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Dinesh Chaudhary2 years ago

अखिलेश जी ! आपके उपद्रवी और अनुशासन हीन कार्यकर्ता ही आपको सत्ता में नहीं आने देंगे

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Anuradha Patel2 years ago

😢😢

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Anuradha Patel2 years ago

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Anuradha Patel2 years ago

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धिक्कार है ऐसी भाजपाई राजनीति और सत्ता की भाजपाई भूख पर जो सियासत के लिए देश के भाईचारे के बीच दंगा कराने की साज़िश करती है। बहराइच हिंसा के मामले में हर दिन नये खुलासे हो रहे हैं, जिनसे भाजपा मुँह दिखाने लायक नहीं रही है। भाजपा के विधायक ही भाजपाइयों पर साज़िश करने की एफ़आइआर करा रहे हैं और दंगाई छुपे कैमरे के सामने सच उगल रहे हैं। भाजपा के जो थोड़े बहुत समर्थक और वोटर बचे हैं, अब तो भाजपा का ये षड्यंत्रकारी और हिंसक रूप देखकर वो भी शर्मिंदा हैं। भाजपा ने अपने समर्थकों की भावनाओं को गुमराह करके, उनका इस्तेमाल अपनी सत्ता को बचाए-बनाए रखने के लिए किया है। सच तो ये है कि भाजपा अपने ही लोगों के ख़िलाफ़ षड्यंत्र कर रही है। भाजपा भाजपाइयों से दंगे कराकर उन्हें ही फँसा दे रही है। तभी तो भाजपा का विधायक, भाजपाइयों के ख़िलाफ़ रिपोर्ट लिखवा रहा है। अब तो भाजपाई भी कहने लगे हैं : भाजपा किसी की सगी नहीं। यूपी कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!

Akhilesh Yadav

451,167 views • 1 year ago

भाजपा भर्ती नहीं छलावा करती है और जब एक छल पकड़ा जाता है, तो भाजपाई दूसरा धोखा ले आते हैं। अब यूपी PCS और RO-ARO की परीक्षा में दो शिफ़्ट की भाजपाई साज़िश को कैंडिडेट्स भाँप गये हैं, इसीलिए उसके ख़िलाफ़ आंदोलनरत हैं। हम उनकी आवाज़ में अपनी आवाज़ मिलाते हैं और उनकी जायज़ माँग के साथ कंधे-से-कंधा मिलाकर खड़े हैं। दरअसल ये भाजपा की चाल है कि युवाओं को सरकारी नौकरी न मिले और वो बेरोज़गार ही रहें और एक दिन सस्ते में मज़दूरों की तरह काम करने पर मजबूर हो जाएं, जिससे कि भाजपाई मुनाफ़ाख़ोरों की तिजोरी भरती रहे और वो भाजपा को चंदा देतें रहें, जिसका दुरुपयोग वो चुनाव जीतने के लिए करते रहें। अब पढ़ा-लिखा लेकिन बेरोज़गार युवा भाजपा का ये चुनावी-दुष्चक्र समझ गया है और भाजपा की मंशा भी, इसीलिए वो अब चुनाव में भाजपा को हराने के लिए मुट्ठी बाँध कर संकल्प ले रहा है। भाजपा का भविष्य और युवाओं का भविष्य, दो विरोधाभासी बातें हैं। जो भाजपा नौकरी और रोज़गार की परिभाषा में फँसाकर युवाओं और उनकी नौकरी के सपने देखनेवाले उनके माता-पिता को उलझाए रखती है, उससे कोई भी उम्मीद करना बेकार है। भाजपा के पतन में ही युवाओं का उत्थान है। भाजपा की हार ही, युवाओं की जीत है। युवा कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा! #uppsc #uppcs2024 #no_normalization #ro_aro_onedayexam #uppsc_oneshift_onedayexam #UPPCS_ROARO_ONESHIFT

Akhilesh Yadav

173,967 views • 1 year ago

जब बच्चे तक न उठा सकते आवाज़ तो कैसे कहें कि ये वतन है आज़ाद? आज भाजपा के कट्टर समर्थक भी शर्मिंदा हैं और पश्चाताप और प्रायश्चित की आग में जल रहे हैं, उनका भी तो परिवार है और परिवार में बच्चे भी हैं, और उन बच्चों का भी वर्तमान और भविष्य है। अब कोई भाजपा से भविष्य की क्या उम्मीद करे, जब वर्तमान में ही जनता भाजपा से पूरी तरह नाउम्मीद हो गई है। आज हर उम्र के लाखों लोगों ने बेख़ौफ़ होकर जिस तरह भाजपा के विरोध में एकजुटता दिखाई है, सच तो ये है कि उस जन-आक्रोश को देखकर भाजपाई और उनके संगी-साथी बेहद डर गये हैं। ये वो आम जनता है जिसे सरकार की किसी भी एजेंसी का भय नहीं है। भाजपा ख़त्म!

Akhilesh Yadav

351,969 views • 2 months ago

भाजपा का एक पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री , भाजपा के ही दूसरे वर्तमान सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री को कटघरे में खड़ा कर रहा है और डंके की चोट पर कह रहा है कि चुनाव में फ़र्ज़ी वोटिंग हुई है। ऐसे चुनाव में जिसमें गृहमंत्री अमित शाह ने भी अपना वोट डाला था। भाजपा के चरित्र की सच्चाई पार्टी के लोगो के मुंह से ही सुन लीजिए। अब ये सत्यापित हो चुका है कि भाजपा के लोग चुनाव में फर्ज़ीवाड़ा करते हैं और निष्पक्ष चुनाव को प्रभावित करते हैं। हैरानी की बात है कि जिस चुनाव में गृह मंत्री अमित शाह ने ख़ुद वोट डाला था, दोनों प्रत्याशी भाजपा के पूर्व केंद्रीय मंत्री थे, और उनमें से एक वर्तमान में सांसद हो, उस चुनाव को भाजपा का ही एक प्रत्याशी फर्ज़ीवाड़ा वाला चुनाव बता रहा है । वोटचोरी के हमारे आरोप पर भाजपा के लोगो ने मुहर लगा दी है । वोट का बड़ा घोटाला है , धीरे धीरे सच जनता के सामने आ रहा है। #TejashwiYadav #VoteChori

Tejashwi Yadav

204,531 views • 1 year ago

भाजपा और उसके संगी-साथी पराजय स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और अब उनमें ये डर बैठ गया है कि देश की 95% आबादी से बना पीडीए समाज जब भाजपा की करतूतों के ख़िलाफ़ एक साथ खड़ा हो जाएगा तो उनका क्या होगा। उनकी रातों की नींद और दिन का चैन छिन गया है। वो सदैव की तरह भूमिगत होकर बिलबिला रहे हैं। इन नकारात्मक लोगों ने आज़ादी से पहले भी देश से ग़द्दारी की और अंडरग्राउंड रहकर देश को ग़ुलाम बनानेवालों की ग़ुलामी की, स्वतंत्रता सेनानियों के ख़िलाफ़ चंद पैसों और वज़ीफ़े के लालच में मुख़बिरी का तुच्छ काम किया। इन्होंने पहले भी देश को धोखा देकर अकूत दौलत इकट्ठा की और अब भी कर रहे हैं। न इन्होंने तब हिसाब दिया था और न अब दे रहे हैं। देश और समाज के लिए एक गिरोह के रूप में ये एक विशाल ‘विषग्रंथी’ है। भाजपाइयों का जैसा संस्कार है, वैसा ही उनका शब्दकोश है और वैसी ही अभिव्यक्ति। भाजपाइयों की वर्चस्ववादी सोच पीडीए को सदैव अपशब्दों से संबोधित करती आई है, इसमें कुछ नया नहीं है। भाजपा ने अपनी पार्टी के आधिकारिक हैंडल से जो अपमानजनक बात पोस्ट की है वो राजनीतिक नैतिक पतन का ऐसा दस्तावेज़ है जो देश के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज़ हो गया है। भाजपाइयों की घृणित मानसिकता से इसके अतिरिक्त कुछ और अपेक्षा भी नहीं की जानी चाहिए। ऐसे विषैली मानसिकता वाले लोगों को देखकर तो आस्तीन का साँप भी ख़ुद को डसकर आत्महत्या कर लेता है। दरअसल जब-जब पीडीए समाज के किसी भी व्यक्ति का ऐसा अपमान होता है, पीडीए एकता और संकल्प उतना ही दृढ़ होकर उभरता है। पीडीए की एकता और एकजुटता को इससे और भी बल मिला है। आज भाजपा ने एक ऐसी लकीर खींच दी है कि भाजपा में शामिल पीडीए समाज के सांसद, विधायक, पार्षद, पदाधिकारी और सामान्य सदस्य तक का राजनीतिक भविष्य शून्य हो गया है। अब वो किस मुँह से अपने-अपने समाजों के सामने जाएंगे। पीडीए ने तो 2024 के आम चुनाव में ही भाजपा में शामिल ऐसे नेताओं का चुनावी बहिष्कार करके उन्हें हार का और बाहर का रास्ता दिखा दिया था, अब तो पीडीए समाज के बीच उनकी हमेशा के लिए मानसिक नाकाबंदी हो जाएगी। भाजपा की ये गहरी चाल है कि वो पीडीए समाज के अपने सभी नेताओं की सियासत की नींव खोद दे और उनकी राजनीति हमेशा के लिए ख़त्म कर दे। भाजपा का भ्रष्टाचार और आपसी मतभेद ही उसे अंतिम चरण में ले आया है, जहाँ ये खलनायक आपस की गैंगवार में एक-दूसरे का काला चिट्ठा खोलकर, एक-दूसरे को ही ख़त्म कर देंगे। इतिहास गवाह है कि जैसे ही नकारात्मक शक्तियां हारने लगती हैं वो टूटने लगती हैं, इनके साथ भी ऐसा ही होना शुरू हो गया है और आख़िरकार ये होगा भी क्योंकि इन जैसे अवांछित लोगों के लिए इतिहास अपनी चाल नहीं बदलेगा। देखना ये है कि ये दग़ाबाज़ लोग देश छोड़कर भागते हैं या अपने काले अतीत को दोहराते हुए भूमिगत होते हैं, डरपोकों के पास वैसे भी ज़्यादा विकल्प नहीं होते हैं।

Akhilesh Yadav

48,668 views • 5 months ago

भाजपा सरकार के एजेंडे में न तो भर्ती है और न ही कोई और नौकरी। भाजपा नौकरी न देकर पीडीए के हक़ का आरक्षण मारना चाहती है। भाजपाई हर काम को आउटसोर्सिंग के ज़रिए करवाना चाहते हैं, इससे एक तरफ़ उन्हें आरक्षण नहीं देना पड़ता है और दूसरी तरफ़ जिनको आउटसोर्सिंग का ठेका मिलता है, उनसे कमीशन और चंदा वसूली करके ये भाजपाई अपना ख़ज़ाना भर लेते हैं। भाजपा की अग्निवीर जैसी योजनाओं ने देश की सुरक्षा के साथ ही युवाओं के भविष्य की सुरक्षा को भी ख़तरे में डाल दिया है। आज बेरोज़गारी का जो हाल है, उससे न केवल युवाओं में बल्कि उनके परिवारों तक में मायूसी का माहौल है। लोग खेत-ज़मीन बेचकर अपने बच्चों को बड़ी उम्मीद से पढ़ाते हैं लेकिन जब भर्ती-नौकरी की कहीं कोई बात नहीं होती है तो वो नाउम्मीदगी और निराशा से घिर जाते हैं। भाजपा के राज में कोई ख़ुशख़बरी नहीं आती है। लोग मुस्कुराना भूल गये हैं। भाजपा ने पीड़ा, दुख, अपमान-अन्याय के सिवा जनता को कुछ नहीं दिया है। इसीलिए जनता अब ‘हँसी-ख़ुशी छीननेवाली भाजपा’ को हटाकर ही सच्चा उत्सव-त्योहार मनाएगी। भाजपा जाए तो भर्ती-नौकरी आए!

Akhilesh Yadav

54,563 views • 11 months ago

भाजपा किसी की सगी नहीं है… कल तक भाजपाइयों की अपनी ही ‘परिषद’ बनाम अपनी ही ‘वाहिनी’ हो रहा था, अब अपने तथाकथित राजनीतिक सहयोगी के ख़िलाफ़, उनके आवासों तक पर प्रदर्शन करवा रही है। भाजपाइयों की ‘दरारवादी सोच’ अब अपने गुट में भी दरार डाल चुकी है। भाजपा के सहयोगी बने धन-लोलुप लोगों को अब ये समझ आ गया है कि ‘इस्तेमाली’ पार्टी उनकी ‘माली हालत’ तो सुधार सकती है मतलब उनके ख़ज़ाने में ‘माल’ तो दे सकती है परंतु ‘मान’ कभी नहीं देगी क्योंकि भाजपा की साज़िशन चाल ही यही है कि ‘पहले इस्तेमाल करो, फिर बर्बाद करो’। बड़े-बड़े वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सामान्य पुलिसकर्मियों को आगे करके भाजपा की अंदरूनी लड़ाई से बचना चाहते हैं। बड़े वर्चस्ववादी पुलिस अधिकारी एसी में बैठकर, बड़े भाजपाइयों के सामने अपना तो ‘यस सर-यस सर’ कर रहे हैं लेकिन सड़कों पर, भाजपा के आनुषंगिक संगी-सहयोगियों के अभद्र व्यवहार के बावजूद, अन्य कनिष्ठ पुलिसकर्मियों को ‘भाई-भाई’ कहकर हाथ जोड़ने को मजबूर कर रहे हैं। भाजपा ने अपने तथाकथित राजनीतिक सहयोगियों की जो दुर्गति की है, उससे वो अपने-अपने समाज में मुँह दिखाने लायक नहीं बचे हैं। उनको समझ नहीं आ रहा है कि अब जाएं तो जाएं कहाँ। भाजपा ने सियासी रूप से उनको बर्बाद कर दिया है। उनके हाथ-पैर ठंडे पड़ गये हैं और चेहरे ‘पीले’।

Akhilesh Yadav

88,826 views • 1 year ago

देश में जो भी भाजपा के भ्रष्टाचार की सच्चाई सामने ला रहा है या फिर भाजपा की देश को नुक़सान पहुँचानेवाली राजनीति के ख़िलाफ़ बोलने की हिम्मत कर रहा है, उसे तरह-तरह से डराया-फँसाया और धमकाया जा रहा है। लेन-देन में घपले की झूठी आशंका के नाम पर, झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। भाजपा को हारता देखकर अब ईमानदार लोग सच्चे लोगों का साथ देते दिखाई देने लगे हैं। देश में ये सच्चे लोग भाजपा के झूठे लोगों से सैकड़ों गुना ज़्यादा हैं। ये सच्चे देशप्रेमी लोग ही मिलकर सबको चेताएंगे, भाजपा का झूठ सामने लाएंगे, और देश को नकारात्मक ताक़तों के चंगुल से मुक्ति दिलाएंगे। देशप्रेमी कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा! #कभी_नहीं_चाहिए_भाजपा

Akhilesh Yadav

207,787 views • 2 years ago

‘मतलब निकल गया है तो पहचानते नहीं’ : अब भाजपाइयों के लिए गली-गली ये गीत गाया जाएगा और उनसे दस हज़ार का हिसाब मांगा जाएगा। देखते हैं पैसों के मामले में झूठ बोलकर, धोखा देनेवाले ये भाजपाई जनता से बचकर कहाँ तक भागते हैं। पैसों की बात करके मुकर जानेवाले भाजपाइयों का इतिहास दसों साल पुराना है, पहले जनता को 15 लाख रुपये देने के वादे को जुमला बता कर पैसे देने से मना कर दिया अब महिलाओं को 10 हज़ार रुपये देने से मुकर गये हैं। ये पैसे बाँटने का खेल ही भाजपा को ले डूबेगा। जब जनता भाजपाइयों के दरवाज़े-दरवाज़े जाकर पैसा माँगेगी तो भाजपाई डरकर अपने घरों और गाड़ियों तक से भाजपा का झंडा उतार लेंगे। दरअसल भाजपा अपने ही बनाए जाल में फँस गयी है। पैसा बाँटने के अपने जिस खेल को भाजपा अपनी ‘जुगाड़ी जीत’ के घपले को छिपाने के लिए, मास्टर स्ट्रोक मान रही थी, वो ही पैसे का खेल भाजपा के लिए जी का जंजाल बन गया है। अब जनता मास्टर स्ट्रोक मारेगी और भाजपा की गेंद को सरकार के स्टेडियम से हमेशा के लिए बाहर कर देगी। अब जनता भाजपाइयों को देखते ही कहेगी: भाजपा पर है उधार, दस हज़ार-दस हज़ार!

Akhilesh Yadav

163,525 views • 9 months ago

दलितों पर अत्याचार के मामले में भाजपा सरकार के समय में यूपी नंबर 1 बन गया है। सवाल ये है कि दलितों पर हमलों और दलितों के ख़िलाफ़ सबसे ज़्यादा अपराधों में, वो भी ख़ासतौर से दलित महिलाओं के उत्पीड़न और दुर्व्यवहार की वारदातों में उप्र, राजस्थान, मप्र, बिहार, ओड़िशा, महाराष्ट्र जैसे वो ही राज्य क्यों है, जो भाजपा शासित हैं। भाजपा मूलतः परम्परागत प्रभुत्ववादियों की पार्टी है और वर्चस्ववादी भाजपाइयों की बुनियादी सोच सामंतवादी है, जिसमें ग़रीब, वंचित, दलित, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, आधी आबादी (महिलाओं) और आदिवासियों के लिए सिर्फ़ अपमान और ज़लालत के अलावा और कुछ नहीं है। मन, मानस और आचरण में भाजपाई आज़ादी से पहले की ही सोच में जी रहे हैं। इसीलिए भाजपाई संविधान के भी विरोधी हैं क्योंकि भाजपा में संगठन और सरकार के प्रमुख पदों पर हमेशा ही केवल कुछ ख़ास लोग ही विराजमान रहते हैं और बाक़ी दौड़-भाग, डंडा-झंडा, बैनर-दरी के काम औरों को दे दिये जाते हैं। भाजपा के अंदर पदनाम भले किसी दलित, पिछड़े को मिल जाए पर ‘पदमान’ कभी नहीं मिलता। उनके नाम से चुनाव लड़े जाते हैं लेकिन मुख्यमंत्री की तो छोड़ो उन्हें और भी कोई कुर्सी नहीं दी जाती है। अगर सच में कोई अपने ज़मीर की आवाज़ सुने तो वो ऐसे लोगों के हाथ न तो उत्पीड़ित हो और न ही अपमानित, ये बात अलग है कि वो अपने स्वार्थ और लालच की वजह से समझौता कर रहा है। दलित कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!

Akhilesh Yadav

100,347 views • 1 year ago

बिजली के निजीकरण के पीछे भाजपा का बड़ी कंपनियों से सीधे एकमुश्त चंदा लेने की योजना का लालच ही काम कर रहा है। भाजपा कर्मचारियों की नौकरियाँ निगल जाएगी और बिजली की मनमानी रेट बढ़ाकर जनता का ही शोषण करेगी। महंगाई की मारी जनता से भाजपा क्योंकि ख़ुद सीधे वसूल नहीं सकती है, इसीलिए वो निजी पूँजीपतियों के माध्यम से जनता की जेब पर डाका डालना चाहती है। सिवाय भाजपा और पूँजीपतियों के निजीकरण का लाभ किसी को नहीं मिलनेवाला। आज बिजली का निजीकरण कर रहे हैं कलको पानी और सड़क पर चलने का भी कर देंगे। भाजपा हर निजीकरण के नाम पर दरअसल चंदा वसूली के काम को ठेके पर देती है। भाजपा का बस चले तो सरकार को ही आउटसोर्स कर दे। साथ ही निजीकरण के माध्यम से भाजपाई आरक्षण का भी अधिकार पिछले दरवाज़े से छीन लेना चाहते हैं। हम प्रदेश की जनता, बिजली कर्मचारियों और आरक्षण समर्थकों के साथ हैं और हमेशा रहेंगे।

Akhilesh Yadav

73,086 views • 1 year ago

एक-दूसरे के ख़िलाफ़ ‘चोर-पुलिस’ का जो खेल बचपन में खेला जाता था, वो अब भाजपा राज में नये नियम से खेला जा रहा है। इस बार ‘चोर-पुलिस’ दोनों मिलकर खेल रहे हैं, अब कोई किसी के ख़िलाफ़ नहीं है बल्कि उल्टा एक-दूसरे के साथ हैं। देश की सरहदों की सुरक्षा करनेवालों की ही चौखट जब सुरक्षित नहीं है तो बाक़ी जनता का क्या। हमारी मांग है कि पुलिस बरामद हुआ पूरा माल तुरंत वापिस करे और एक सैन्यकर्मी और उसके दुखी-व्यथित परिवार को ये विश्वास दिलाए कि उप्र की भाजपा सरकार सैनिकों के घरों की रक्षा करने में विफल नहीं है अन्यथा स्वीकार करे कि उप्र की लगाम अपराधियों के हाथ में चली गयी है। जनता पूछ रही है हम क्या करें? ये वही उप्र, वही कानपुर है जहां बैंकों तक के लॉकर टूट गये थे। भाजपा राज में न घर सुरक्षित है, न बैंक। जनता जाए तो जाए कहाँ? घोर निंदनीय! जन-जन कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!

Akhilesh Yadav

128,849 views • 1 year ago